स्पेन का अमेरिका को अपना बेस देने से किया इंकार, अमेरिका के 15 विमान वापस लौटे

Spain refuses to give up its base to the US, 15 US aircraft return
स्पेन का अमेरिका को अपना बेस देने से किया इंकार, अमेरिका के 15 विमान वापस लौटे

Spain refuses to give up its base to the US, 15 US aircraft return, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच जब United States of America और Israel ने ईरान पर हमले शुरू किए, तब यूरोप से एक सख्त और स्पष्ट आवाज़ उठी। Spain ने अमेरिका को साफ कर दिया कि उसकी ज़मीन किसी भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई के लिए इस्तेमाल नहीं होगी। स्पेन के इस बयान ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है और अमेरिका-इजराइल के हालिया कदमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्रित कर दिया है।

अमेरिका के 15 विमान वापस लौटाए

स्पेन ने जोर देकर कहा कि उसके सैन्य अड्डों पर पूरा नियंत्रण सिर्फ स्पेन का ही है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, हमलों के बाद दक्षिणी स्पेन स्थित रोता और मोरोन सैन्य अड्डों से अमेरिका के 15 विमान वापस लौट गए। ये दोनों बेस अमेरिका और स्पेन द्वारा साझा उपयोग में हैं।

स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares ने कहा कि रोता और मोरोन दे ला फ्रोंतेरा के अड्डों का इस्तेमाल मिडिल ईस्ट के मौजूदा संघर्ष से जुड़ी किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि स्पेन अपने किसी भी सैन्य ठिकाने को ऐसे हमलों के लिए अनुमति नहीं देगा, जो अमेरिका के साथ हुए समझौते या संयुक्त राष्ट्र के नियमों के दायरे में न हों।

अंतिम अधिकार स्पेन का

अल्बारेस ने यह भी कहा कि भले ही ये अड्डे साझा उपयोग में हैं, लेकिन अंतिम अधिकार स्पेन का ही है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने अपनी हालिया सैन्य कार्रवाई के बारे में स्पेन को पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी। उनके अनुसार, यह एकतरफा कार्रवाई थी और किसी सामूहिक अंतरराष्ट्रीय निर्णय का हिस्सा नहीं थी।

इससे पहले स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने भी अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई को एकतरफा कदम बताया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे वैश्विक अस्थिरता बढ़ सकती है और अंतरराष्ट्रीय माहौल तनावपूर्ण बन सकता है।  स्पेन ने ईरान पर हमलों को गलत बताया, लेकिन खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों की भी निंदा की।

सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील

विदेश मंत्री अल्बारेस ने चेतावनी दी कि अगर तनाव बढ़ता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात बिगड़ सकते हैं और तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव कम करें और बातचीत का रास्ता अपनाएं। स्पेन ने साफ किया कि वह किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करता और क्षेत्र में शांति व स्थिरता चाहता है।

निष्कर्ष

अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बीच स्पेन ने अपनी जमीन को विवाद से दूर रखा और वैश्विक कूटनीति में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि साझा सैन्य अड्डों पर अंतिम अधिकार हमेशा देश का ही होता है। इस बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश गया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए अन्य देशों के आधारों का इस्तेमाल उनके अनुमति और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार होना चाहिए।

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