
दक्षिण कोरिया की राजनीति में एक ऐतिहासिक और विवादित अध्याय का अंत करते हुए अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल (Yoon Suk Yeol) को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला दिसंबर 2024 में उनके द्वारा देशभर में मार्शल लॉ लगाने की कोशिश को लेकर सुनाया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में साफ कहा कि यून सुक योल ने संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग किया और अपने फैसलों से देश को गंभीर राजनीतिक, सामाजिक और संवैधानिक संकट में डाल दिया। अदालत के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह का कदम अस्वीकार्य है और इससे जनता का भरोसा बुरी तरह प्रभावित हुआ।
कोर्ट की कार्यवाही का लाइव प्रसारण
फैसले के दिन अदालत के बाहर यून सुक योल के करीब समर्थक इकट्ठा हुए। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये समर्थक बड़ी स्क्रीन पर कोर्ट की कार्यवाही का लाइव प्रसारण देख रहे थे। कई लोगों के हाथों में लाल रंग के बैनर थे, जिन पर नारे लिखे थे— “यून, फिर से!” और “कोरिया को फिर से महान बनाओ”। यह नारे यून के उस समर्थक वर्ग को दर्शाते हैं, जो अब भी उन्हें एक मजबूत राष्ट्रवादी नेता के रूप में देखता है, भले ही अदालत ने उन्हें दोषी ठहरा दिया हो।
यून सुक योल की पूरी राजनीतिक जर्नी
यून सुक योल का जन्म 1960 में सियोल में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे देश के शीर्ष अभियोजकों (Prosecutors) में गिने जाते थे। उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की और खासतौर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के कारण जनता के बीच पहचान बनाई। यही छवि उन्हें राजनीति में ले आई।
2022 में यून सुक योल ने कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर राष्ट्रपति चुनाव जीता और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति बने। उनका चुनाव अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा, उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े रुख और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के वादों पर आधारित था। शुरुआत में उन्हें एक सख्त लेकिन ईमानदार नेता के रूप में देखा गया, लेकिन समय के साथ उनकी नीतियों और फैसलों ने विवाद खड़े किए।
विवाद, गिरफ्तारी और विद्रोह का आरोप
दिसंबर 2024 में यून सुक योल ने अचानक देशभर में मार्शल लॉ लगाने की कोशिश की, जिसे विपक्ष और नागरिक समाज ने लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। इसके बाद देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और मामला अदालत तक पहुंचा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले यून सुक योल ने खुद को अपने घर में बंद कर लिया था और बाहर भारी संख्या में गार्ड तैनात कर दिए थे, ताकि जांच अधिकारी अंदर प्रवेश न कर सकें। हालांकि, पुलिस ने बाद में उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
अगली सुनवाई फरवरी में होगी
यून सुक योल के खिलाफ कई मामलों में सुनवाई चल रही है। इनमें सबसे गंभीर आरोप विद्रोह (Rebellion) का है। अभियोजन पक्ष ने अदालत से मांग की है कि इस मामले में उन्हें मौत की सजा दी जाए। अदालत ने इस मांग पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है और कहा है कि फरवरी में अगली सुनवाई के दौरान इस पर निर्णय लिया जाएगा। यह मामला न सिर्फ यून सुक योल के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा पतन माना जा रहा है, बल्कि इसे दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अहम और चेतावनी देने वाला अध्याय भी कहा जा रहा है।










