
हरियाणा में 5500 पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बार फिजिकल टेस्ट (PST) को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए हाई-टेक सिस्टम लागू किया जा रहा है—जिसमें दौड़ के दौरान चिप ट्रैकिंग और ग्राउंड में CCTV निगरानी शामिल है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 20 मई 2026 से PST (Physical Screening Test) शुरू हो सकता है, जबकि PMT का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है।
इस कदम का मकसद भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या पक्षपात को रोकना है। खासकर दौड़ (रनिंग टेस्ट) में होने वाली अनियमितताओं को लेकर पिछले वर्षों में सवाल उठते रहे हैं—अब तकनीक के जरिए इसे पूरी तरह कंट्रोल करने की तैयारी है।
भर्ती का पूरा ढांचा: कितने पद, क्या प्रक्रिया
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने 2026 के लिए कुल 5500 कांस्टेबल पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें—
- 4500 पद पुरुष कॉन्स्टेबल (GD)
- 600 पद महिला कॉन्स्टेबल
- 400 पद GRP (रेलवे पुलिस)
आवेदन प्रक्रिया जनवरी 2026 में शुरू हुई थी और यह भर्ती CET (Common Eligibility Test) के आधार पर आगे बढ़ रही है।
चयन प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में होगी:
- PMT (Physical Measurement Test)
- PST (Physical Screening Test)
- लिखित परीक्षा (Knowledge Test)
PMT शेड्यूल जारी, अब PST पर फोकस
हाल ही में PMT (फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट) का शेड्यूल जारी किया गया है, जो 5 मई से 9 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
PMT में उम्मीदवारों की हाइट और चेस्ट (पुरुषों के लिए) मापी जाती है। इसके बाद जो उम्मीदवार इसमें पास होंगे, उन्हें PST यानी दौड़ और शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।
दौड़ में गड़बड़ी रोकने के लिए चिप सिस्टम
इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत है—RFID या डिजिटल चिप ट्रैकिंग सिस्टम।
- हर उम्मीदवार को दौड़ के दौरान एक चिप दी जाएगी
- यह चिप उनके पूरे रनिंग टाइम और दूरी को रिकॉर्ड करेगी
- किसी भी तरह की शॉर्टकट या धोखाधड़ी तुरंत पकड़ी जाएगी
यह तकनीक पहले सेना और बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स में इस्तेमाल हो चुकी है, लेकिन हरियाणा पुलिस भर्ती में इसका इस्तेमाल पहली बार बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
ग्राउंड में CCTV से होगी निगरानी
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ग्राउंड में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
- हर एंगल से दौड़ और गतिविधियों की रिकॉर्डिंग होगी
- किसी भी विवाद की स्थिति में फुटेज का इस्तेमाल किया जाएगा
- बाहरी हस्तक्षेप या सेटिंग की संभावना लगभग खत्म
यह कदम खास तौर पर उन आरोपों के बाद उठाया गया है, जिनमें भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठे थे।
PST में क्या होगा? जानें पूरा फिजिकल टेस्ट
PST यानी दौड़ में उम्मीदवारों को तय समय में दूरी पूरी करनी होगी:
- पुरुष: 2.5 किमी दौड़ 12 मिनट में
- महिला: 1 किमी दौड़ 6 मिनट में
- एक्स-सर्विसमैन: 1 किमी दौड़ 5 मिनट में
इसके बाद मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।
क्यों जरूरी था यह हाई-टेक बदलाव?
पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा समेत कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए थे—
- फर्जी उम्मीदवार
- दौड़ में गड़बड़ी
- मैनुअल टाइमिंग में हेराफेरी
इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए अब डिजिटल ट्रैकिंग + CCTV निगरानी को अनिवार्य किया गया है।
यह बदलाव न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि योग्य उम्मीदवारों को न्याय भी दिलाएगा।
युवाओं के लिए क्या संकेत है? (Predictive Insight)
हरियाणा और आसपास के राज्यों में सरकारी नौकरी, खासकर पुलिस भर्ती, युवाओं के लिए सबसे बड़ा करियर विकल्प है।
इस नई व्यवस्था से तीन बड़े बदलाव दिखेंगे:
- मेरिट आधारित चयन मजबूत होगा
- फर्जीवाड़े की संभावना लगभग खत्म होगी
- प्रतियोगिता और भी कड़ी हो जाएगी
यानी अब केवल मेहनत और फिटनेस ही सफलता की कुंजी होगी—‘जुगाड़’ का रास्ता लगभग बंद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. हरियाणा पुलिस भर्ती 2026 में कुल कितने पद हैं?
कुल 5500 कांस्टेबल पदों पर भर्ती हो रही है।
Q2. PST कब से शुरू होगा?
संभावित रूप से 20 मई 2026 से PST शुरू हो सकता है।
Q3. दौड़ में चिप सिस्टम क्या है?
यह एक डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम है, जो उम्मीदवार की दौड़ का समय और दूरी रिकॉर्ड करता है।
Q4. CCTV क्यों लगाए जा रहे हैं?
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए।
Q5. PST में दौड़ कितनी होती है?
पुरुषों के लिए 2.5 किमी और महिलाओं के लिए 1 किमी दौड़ निर्धारित है।









