
4 मार्च भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया को भारतीय Share Market में लगातार तीसरे Trading Session में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में Bombay Stock Exchange का Sensex 1,700 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि National Stock Exchange of India का Nifty 500 अंकों से ज्यादा गिरकर 24,400 के नीचे फिसल गया।
Pre-open Session में Sensex में 2,000 अंकों से अधिक की गिरावट देखी गई, जिससे Market Sentiment कमजोर हो गया। सुबह 9:23 से 9:25 बजे के बीच Sensex 1,678 से 1,721 अंकों की गिरावट के साथ लगभग 78,500 पर ट्रेड कर रहा था। Nifty 520 से 529 अंकों की गिरावट के साथ 24,345–24,348 के स्तर पर था।
Investors के 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल Market Cap 456.90 लाख करोड़ रुपये से घटकर 446.45 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी कुछ ही मिनटों में करीब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वैल्यू साफ हो गई।
एक अन्य आकलन के अनुसार Market Cap 7.93 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 449 लाख करोड़ रुपये रह गया। पिछले दो Sessions में भी लगभग 11 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।
Sensex के 30 में से 27 शेयर लाल निशान में रहे। लार्सन एंड टुब्रो में 5.79% गिरावट आई। टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, इंडिगो और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3% से अधिक गिरावट दर्ज हुई।
IT Stocks जैसे इन्फोसिस और एचसीएल टेक में हल्की मजबूती देखी गई। IT को छोड़कर लगभग सभी Sectoral Index गिरावट में रहे। Midcap और Smallcap Index में भी 2% से अधिक गिरावट रही।
Market Crash की 5 बड़ी वजहें
Middle East Conflict
अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के बाद Middle East में तनाव बढ़ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद जवाबी हमले हुए, जिससे Global Markets में अनिश्चितता बढ़ी।
Hormuz Strait में संभावित बाधा की आशंका ने Energy Supply को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत की लगभग 40% ऊर्जा सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से जुड़ी है।
Brent Crude 82 Dollar पार
Brent Crude Oil 82.24 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। मंगलवार को यह 84 डॉलर तक पहुंच गया था। शनिवार से इसमें लगभग 15% की तेजी आई है।
भारत अपनी 85% तेल जरूरतें Import करता है। Crude Oil महंगा होने से Trade Deficit, Inflation और Rupee पर दबाव बढ़ सकता है।
Global Markets में गिरावट
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। जापान का TOPIX 4% से अधिक गिरा। हांगकांग का Hang Seng 2% से ज्यादा टूटा। दक्षिण कोरिया का Kospi 12.6% तक गिर गया, जो कई वर्षों की बड़ी गिरावटों में शामिल है। अमेरिकी Markets भी गिरावट के साथ बंद हुए। Dow Jones 403 अंक गिरा। S&P 500 में 0.9% की गिरावट आई और Nasdaq लगभग 1% नीचे बंद हुआ।
इन Global Signals का सीधा असर भारतीय Market पर पड़ा।
FIIs Selling Pressure
Foreign Institutional Investors (FIIs) ने 2 मार्च को 3,295.64 करोड़ रुपये की Net Selling की। पिछले कई महीनों से FIIs लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे Liquidity और Market Confidence प्रभावित हुआ है।
Volatility Index में उछाल
India VIX करीब 14% उछलकर 19.51 पर पहुंच गया। यह Market Volatility और Investors के डर को दर्शाता है।
Rupee All-Time Low
डॉलर के मुकाबले Rupee 92.03 तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है। Strong Dollar और High Crude Prices ने Rupee पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।
Gold और Silver पर असर
Dollar मजबूत होने से Comex पर Gold करीब 5% और Silver लगभग 8% गिरा। इससे साफ है कि Investors Risk-off मोड में हैं।
आगे की Strategy क्या हो?
Experts का मानना है कि यदि Middle East Conflict लंबा चलता है और Crude Prices ऊंचे बने रहते हैं, तो Indian Economy पर व्यापक असर पड़ सकता है। Inflation बढ़ सकती है, Corporate Earnings प्रभावित हो सकती हैं और Growth Rate पर दबाव आ सकता है।
Investors को Panic Selling से बचते हुए Long-term Strategy अपनाने की सलाह दी जा रही है। Market की दिशा अब Global Developments, Crude Trend और FIIs Flow पर निर्भर करेगी।








