
दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनी Samsung ने इतिहास रच दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर पार कर गया है, जिससे वह यह मुकाम हासिल करने वाली दक्षिण कोरिया की पहली और एशिया की चौथी कंपनी बन गई है। अब तक दुनिया में केवल 15 कंपनियां ही ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हो पाई हैं, जिनमें से 11 अमेरिका की हैं।
एशिया से कौन-कौन पहुंचा ट्रिलियन क्लब में?
- PetroChina 2007 में सबसे पहले ट्रिलियन क्लब में शामिल हुई थी।
लेकिन आज इसका मार्केट कैप घटकर 299.42 अरब डॉलर रह गया है और यह वैश्विक रैंकिंग में 49वें स्थान पर है। - ताइवान की TSMC भी इस सूची में शामिल है।
- अब सैमसंग ने भी इस प्रतिष्ठित क्लब में जगह बना ली है।
दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां (मार्केट कैप के आधार पर)
- NVIDIA – $4.314 ट्रिलियन
(पिछले साल अक्टूबर में $5 ट्रिलियन का आंकड़ा भी छुआ, ऐसा करने वाली पहली और इकलौती कंपनी) - Apple – $3.882 ट्रिलियन
- Alphabet Inc. – $3.767 ट्रिलियन
- Microsoft – $2.918 ट्रिलियन
- Amazon – $2.254 ट्रिलियन
- Meta Platforms – $1.639 ट्रिलियन
- Saudi Aramco – $1.609 ट्रिलियन
- Broadcom – $1.515 ट्रिलियन
- Tesla – $1.510 ट्रिलियन
- Berkshire Hathaway – $1.089 ट्रिलियन
- Walmart – $1.020 ट्रिलियन
- Samsung – $1.005 ट्रिलियन
भारतीय कंपनियों की स्थिति
भारत की कोई भी कंपनी अभी तक ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल नहीं हो पाई है।
- Reliance Industries – $207.18 अरब (वैश्विक रैंकिंग में 85वां स्थान)
इसके अलावा भारत की कोई भी कंपनी टॉप 100 में शामिल नहीं है।
टॉप 100 में अमेरिका की 59 और चीन की 11 कंपनियों को जगह मिली है।
क्या संकेत मिलते हैं?
- टेक और सेमीकंडक्टर कंपनियां (NVIDIA, TSMC, Broadcom) इस समय सबसे तेज़ी से बढ़ रही हैं।
- अमेरिकी कंपनियों का वैश्विक बाजार पर दबदबा बना हुआ है।
- एशिया में सैमसंग की एंट्री से दक्षिण कोरिया की आर्थिक ताकत को बड़ा बल मिला है।
- भारत के लिए यह संकेत है कि बड़े पैमाने पर टेक, AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की जरूरत है।










