
Trump backtracks on tariffs on European countries, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर एक बड़ा यू-टर्न लिया है। पहले उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के विरोध में यूरोप के 8 देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, लेकिन अब उन्होंने यह फैसला वापस ले लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर NATO के साथ भविष्य के समझौते का फ्रेमवर्क तैयार हो गया है, इसी वजह से अब टैरिफ लागू नहीं किए जाएंगे।
1 फरवरी से लगने वाले थे टैरिफ, अब फैसला बदला
पहले ऐलान के मुताबिक, 1 फरवरी से यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाया जाना था, जिसे 1 जून से बढ़ाकर 25% करने की चेतावनी दी गई थी।
लेकिन अब ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह टैरिफ लागू नहीं होंगे।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुट्टे के साथ मेरी एक बेहद प्रोडक्टिव मीटिंग हुई है। हमने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भविष्य के समझौते का फ्रेमवर्क तैयार किया है।
अगर यह समाधान पूरा होता है, तो यह अमेरिका और सभी NATO देशों के लिए फायदेमंद होगा। इसी समझ के आधार पर मैं 1 फरवरी से लागू होने वाले टैरिफ को रद्द कर रहा हूं।”
दावोस में भी नरम पड़े थे ट्रंप
इससे पहले दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप ने कहा था कि ग्रीनलैंड पर कंट्रोल पाने के लिए अमेरिका बल का इस्तेमाल नहीं करेगा।
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि ट्रंप अपने रुख में बदलाव कर सकते हैं।
ग्रीनलैंड डील पर कौन संभालेगा बातचीत?
ट्रंप ने बताया कि इस मुद्दे पर बातचीत की जिम्मेदारी अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों को दी गई है, जिनमें शामिल हैं:
- उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
- विदेश मंत्री मार्को रुबियो
- विशेष दूत स्टीव विटकॉफ
इसके अलावा, ग्रीनलैंड से जुड़े ‘गोल्डन डोम’ प्रोजेक्ट पर भी अलग से चर्चा होगी।
“यह डील हमेशा के लिए है” – ट्रंपग्रीनलैंड डील की अवधि को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा:
“यह एक लॉन्ग-टर्म डील है, इसे इनफिनिट डील कहा जा सकता है।”
हालांकि, ट्रंप पहले यह भी कह चुके हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर ‘अधिकार, टाइटल और मालिकाना हक’ चाहता है और NATO सहयोगियों से इसमें बाधा न बनने की अपील कर चुके हैं।
किन 8 यूरोपीय देशों को दी थी टैरिफ की धमकी?
डोनाल्ड ट्रंप ने जिन देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, वे हैं:
- डेनमार्क (Denmark)
- नॉर्वे (Norway)
- स्वीडन (Sweden)
- फ्रांस (France)
- जर्मनी (Germany)
- यूनाइटेड किंगडम (UK)
- नीदरलैंड (Netherlands)
- फिनलैंड (Finland)
इन सभी देशों पर ग्रीनलैंड मुद्दे के समाधान न होने पर टैरिफ लगाया जाना था, लेकिन अब ट्रंप ने यह धमकी वापस ले ली है।
निष्कर्ष (Conclusion)
ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला अमेरिका-यूरोप रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। NATO के साथ बने नए फ्रेमवर्क के बाद फिलहाल ट्रेड वॉर का खतरा टल गया है, लेकिन ग्रीनलैंड पर अमेरिका की नजर अब भी बनी हुई है।










