ग्रीनलैंड पर साथ दें नहीं तो लगा दूंगा टैरिफ, ट्रंप की नई धमकी

Support Greenland or I'll impose tariffs, Trump threatens again
Support Greenland or I’ll impose tariffs, Trump threatens again

Support Greenland or I’ll impose tariffs, Trump threatens again, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि “अगर कोई देश ग्रीनलैंड समझौते पर सहमत नहीं होता है तो मैं उस पर टैरिफ लगा सकता हूं क्यों कि हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसकी जरूरत है!” यह बयान ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान दिया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों को निशाना बनाया जाएगा और टैरिफ लगाने के लिए किस कानूनी अधिकार का इस्तेमाल होगा।

कनाडा का पलटवार

ट्रम्प के बयान के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने का अधिकार अमेरिका को नहीं है। यह फैसला ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का है।” कार्नी ने कहा कि NATO देश होने के नाते कनाडा ग्रीनलैंड की संप्रभुता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

मिस्टर टैरिफ’ की तस्वीर वायरल

ट्रम्प की टैरिफ धमकी के बाद व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनकी एक तस्वीर साझा की, जिसके कैप्शन में लिखा गया— “Mr. Tariff”।

ट्रम्प बोले- ‘गोल्डन डोम’ प्रोजेक्ट के लिए जरूरी है ग्रीनलैंड

ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका के ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट के लिए बेहद अहम है। यह प्रोजेक्ट इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है और इसका मकसद चीन और रूस से आने वाले संभावित खतरों से अमेरिका की रक्षा करना है। ट्रम्प का कहना है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल नहीं किया, तो रूस या चीन वहां अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं, जो अमेरिका के लिए किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

अमेरिकी सांसदों का ग्रीनलैंड दौरा

इसी बीच अमेरिकी संसद का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड पहुंचा है। 11 सदस्यीय इस टीम का नेतृत्व डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स कर रहे हैं। टीम ने ग्रीनलैंड और डेनमार्क के नेताओं से मुलाकात कर स्थानीय लोगों की राय सुनी। सीनेटर कून्स ने कहा, “हम ग्रीनलैंड के लोगों की बात सुन रहे हैं ताकि वॉशिंगटन में तनाव कम किया जा सके।” ग्रीनलैंड की सांसद आजा चेमनित्ज ने कहा कि अमेरिका 2019 से दबाव बना रहा है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत है।

अमेरिका में भी दो राय

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी संसद में भी मतभेद हैं। एक तरफ सीनेटर लिसा मर्कोव्स्की ने जबरन कब्जे के खिलाफ बिल पेश किया है। वहीं रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के समर्थन में अलग बिल पेश किया है।

यूरोप डेनमार्क के समर्थन में

ट्रम्प के बयानों के बाद कई यूरोपीय देश डेनमार्क के समर्थन में सामने आए हैं। फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, ब्रिटेन और नीदरलैंड ग्रीनलैंड में सीमित सैन्य और निगरानी मिशन के लिए सैनिक भेज रहे हैं।

ट्रम्प का साफ संदेश- पूरा कंट्रोल चाहिए

ट्रम्प ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि सिर्फ समझौता या लीज काफी नहीं है, अमेरिका को ग्रीनलैंड पर पूरा कंट्रोल चाहिए।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने भी संकेत दिए कि सैन्य विकल्प समेत सभी रास्तों पर विचार हो रहा है।

क्या ट्रम्प ग्रीनलैंड पर कब्जा कर सकते हैं?

कानूनी रूप से यह बेहद मुश्किल है।

ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और दोनों NATO सदस्य हैं।

NATO के नियमों के मुताबिक एक NATO देश दूसरे पर कब्जा नहीं कर सकता।

ग्रीनलैंड अगर स्वतंत्र होना चाहे तो जनमत संग्रह जरूरी है।

2025 के एक सर्वे में 85% ग्रीनलैंडवासियों ने अमेरिकी कब्जे का विरोध किया था।

ग्रीनलैंड क्यों है इतना अहम?

अमेरिका और यूरोप के बीच रणनीतिक स्थिति

रूस-चीन की गतिविधियों पर नजर

रेयर अर्थ मिनरल्स, तेल और गैस के बड़े भंडार

आर्कटिक में खुलती नई समुद्री व्यापारिक राहें

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की “फ्रंट लाइन”

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प की आक्रामक नीति ने NATO सहयोगियों में चिंता बढ़ा दी है। कनाडा और यूरोपीय देश साफ कह रहे हैं कि ग्रीनलैंड का फैसला किसी दबाव या धमकी से नहीं होगा।

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