
Rahul Gandhi takes a dig at the BJP’s double engine government’s new smart city model लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों व मृतकों के परिवारों से मिले। सबसे पहले उन्होंने बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और उनकी हालत जानी। बाद में वे सीधे प्रभावित इलाकों में पैदल चले गए और लोगों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में लोग दूषित ‘‘पानी पीकर मर रहे’’ हैं और यह पेयजल त्रासदी ‘‘सरकार की नाकामी का परिणाम’’ है।
BJP की डबल इंजन सरकार का नया स्मार्ट सिटी मॉडल
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि BJP की डबल इंजन सरकार का नया स्मार्ट सिटी मॉडल
पानी में ज़हर,
हवा में ज़हर,
दवा में ज़हर,
ज़मीन में ज़हर,
और, जवाब मांगो तो चलेगा बुलडोजर!
कुछ इस तरह इस मॉडल में गरीबों की मौतों के लिए कोई भी ज़िम्मेदार नहीं होता। सरकार अभी उनकी लापरवाही से हुई इंदौर की त्रासदी की जवाबदेही ले – दोषियों को सजा और पीड़ितों को अच्छा इलाज और मुआवजा जल्द से जल्द दिलाए।
दूषित पानी से होने वाली मौतें और गंभीर स्थिति
अलग-अलग रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दूषित पानी पीने से बीमारियों में वृद्धि और दर्जनों मौतें हुई हैं। कुछ खबरों में बताया गया है कि 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि सरकारी रिपोर्ट में संख्या कम बताई जाती है और जांच जारी है। पानी में गंदगी से उल्टी-दस्त जैसी बीमारी फैल गई थी और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता
राहुल गांधी ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए चेक वितरित किए। उनके द्वारा लगभग 20 परिवारों कोसहायता राशि का चेक दिए गए, ताकि वे आर्थिक कठिनाइयों में थोड़ी मदद पा सकें। यह कदम उनके समर्थन और संवेदना प्रकट करने का हिस्सा बताया गया है।
सरकार पर आलोचना और जिम्मेदारी की मांग
राहुल गांधी ने बयान देते हुए कहा कि इंदौर जैसी स्मार्ट सिटी में भी साफ पानी उपलब्ध नहीं है, यह गंभीर विफलता है। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर जवाबदेही न देने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को साफ पानी मिलना प्राथमिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से तत्काल जवाबदेही और समाधान की मांग की।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सियासी तनाव
राहुल गांधी के दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है। कुछ विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए सरकार की आलोचना की, जबकि कुछ सत्तारूढ़ दल के नेता इसे राजनीति बनाने का प्रयास बताया। इस बीच स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि वे मुद्दे का समाधान करने में लगे हुए हैं और पानी की आपूर्ति में सुधार कर रहे हैं।
प्रशासनिक स्थिति और जांच
सरकार ने अदालत में कहा है कि प्रभावित स्रोतों को ठीक कर दिया गया है और पानी की आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए पाइपलाइन और सीवर सिस्टम की मरम्मत जारी है। प्रशासन ने यह भी कहा कि उन्होंने मृतकों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है और स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे भी चल रहा है।









