
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीमा सुरक्षा और केंद्रीय एजेंसियों को लेकर केंद्र की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए ममता ने साफ कहा कि BSF और अन्य केंद्रीय संगठनों को जमीन दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सीमा पर बाड़ लगाने का काम अब तक अधूरा है।
ममता बनर्जी ने यह भी मांग की कि BSF के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने इसे एक arbitrary rule बताते हुए कहा कि ऐसा फैसला राज्यों की सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता।
‘केंद्र पर बंगाल का 2 लाख करोड़ बकाया’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के करीब 2 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की कई योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली राशि रोकी गई है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ममता ने कहा, “जब केंद्र हमें हमारा पैसा देगा, तब हम बाकी मांगों पर भी विचार करेंगे। हम अदालत में भी जीतते हैं और चुनाव में भी।”
गृह मंत्री पर सीधा हमला
ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत से गृह मंत्री देखे हैं। मुझे गृह मंत्री मत दिखाइए। मीटिंग में बॉर्डर के मुद्दे पर आप मौजूद ही नहीं थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि पहले केंद्र और राज्यों के बीच data sharing होती थी, लेकिन अब वह पूरी तरह बंद कर दी गई है।
‘काम पूरा क्यों नहीं हो रहा?’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने Coal India, SAIL, BHEL, BSF और CISF को जमीन दी है, फिर भी केंद्र अपने काम पूरे नहीं कर रहा।
“पहले अपना काम खत्म कीजिए, हमने जो देना था, दे दिया है,” ममता ने कहा।
घुसपैठिए के मुद्दे पर पलटवार
घुसपैठिए के मुद्दे पर बीजेपी के आरोपों पर जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “अगर घुसपैठिए हैं, तो आपके प्रधानमंत्री इसी वोटर लिस्ट के भरोसे चुनाव जीतकर आए हैं। फिर वे इस्तीफा क्यों नहीं देते?” उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुद्दा चुनाव से पहले जानबूझकर उठाया जा रहा है।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
जैसे-जैसे West Bengal Assembly Election नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। ममता बनर्जी लगातार बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और केंद्र-राज्य टकराव अब चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है।










