
दिल्ली के जनकपुरी इलाके से एक बेहद दर्दनाक हादसे की घटना सामने आई है। यहां दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) द्वारा खोदे गए गड्डे में गिरने से एक बाइक सवार की जान चली गई। बताया जा रहा है कि युवक पूरी रात घायल हालत में तड़पता रहा, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं मिली। घटना सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार युवक देर रात बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान जनकपुरी क्षेत्र में सड़क पर जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्डे में युवक बाइक सहित गिर गया । गड्ढे के पास कोई बेरिकेडिंग नहीं थे जिसके चलते युवक हादसे का शिकार हो गया । सुबह जब लोगों ने बाइक और युवक को गड्ढे में देखा तो तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही जनकपुरी थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची । पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा । इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी । पुलिस जांच में जुटी है कि गड्ढा कब खोदा गया था और इस दौरान मानकों की पालना क्यों नहीं की गई । और इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है ।
- जनकपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची
- शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया
- मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
- गड्डा कब और क्यों खोदा गया
- सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया
- किस विभाग की लापरवाही से हादसा हुआ
दिल्ली सरकार ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद दिल्ली सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं साथ ही संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है । इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है । सरकार ने यह भी कहा है कि दिल्ली में खुले गड्डों और खराब सड़कों की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
- शिकायतों के बावजूद गड्डे को नहीं भरा गया
- पहले भी इस जगह छोटे हादसे हो चुके थे
- प्रशासन की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली
ऐसे हादसे पहले भी
दिल्ली में खुले गड्डों और जलबोर्ड की खुदाई से जुड़े हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं। मानसून के समय ये गड्डे जानलेवा साबित हो रहे हैं।
निष्कर्ष
जनकपुरी में हुआ यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही की एक और दर्दनाक मिसाल है। समय पर सुरक्षा इंतजाम और निगरानी होती तो शायद एक युवक की जान बच सकती थी। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर वास्तव में सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।










