
अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो बाजार से एक अहम अपडेट सामने आई है। हाल के दिनों में तेज उतार-चढ़ाव के बाद आज कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार अभी स्थिर नहीं है और आने वाले दिनों में कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
दरअसल, वैश्विक बाजार के संकेत, डॉलर की चाल और निवेशकों की रणनीति के कारण कीमती धातुओं के भाव लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में खरीदार और निवेशक दोनों ही बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।
आज क्या है सोने का ताजा भाव?
आज के बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब ₹1,62,530 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
आज के मुकाबले कल की तुलना में कीमतों में मामूली ₹10 की गिरावट देखने को मिली है।
इसके अलावा 18 कैरेट सोना लगभग ₹1,21,400 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
बड़े शहरों में क्या है सोने का रेट?
भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। आज के ताजा भाव इस प्रकार हैं:
- दिल्ली – लगभग ₹1,61,820 प्रति 10 ग्राम
- मुंबई – लगभग ₹1,61,680 प्रति 10 ग्राम
- चेन्नई – लगभग ₹1,63,630 प्रति 10 ग्राम
- हैदराबाद – लगभग ₹1,61,680 प्रति 10 ग्राम
इन कीमतों में स्थानीय टैक्स, ज्वेलरी डिमांड और लॉजिस्टिक लागत के कारण अंतर देखने को मिलता है।
चांदी की कीमत भी हुई थोड़ी सस्ती
आज चांदी की कीमतों में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली समेत कई शहरों में चांदी का भाव लगभग ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया गया है।
यह कीमत कल की तुलना में करीब ₹100 कम है।
हालांकि दक्षिण भारत के कुछ शहरों में चांदी की कीमत ज्यादा है, जहां यह लगभग ₹2,90,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच रही है।
आखिर क्यों बदल रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई वजहें हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती
- ब्याज दरों को लेकर वैश्विक अनिश्चितता
- निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग
- घरेलू बाजार में मांग और सप्लाई का संतुलन
इन सभी कारणों का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलता है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप सोने में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो कीमतों में आई हल्की गिरावट को एक अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि अल्पकालिक निवेश करने वालों को बाजार के संकेतों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है।









