
Mobile will work without tower, Starlink to launch ‘Direct-to-Cell’ satellite service in 2027, दुनिया की सबसे बड़ी Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink जल्द ही मोबाइल कनेक्टिविटी की दुनिया बदलने जा रही है। कंपनी 2027 तक डायरेक्ट-टू-सेल (Direct-to-Cell) सैटेलाइट सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसके बाद मोबाइल यूजर्स बिना किसी मोबाइल टावर या ग्राउंड नेटवर्क के सीधे सैटेलाइट से कॉल, SMS और इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह जानकारी बार्सिलोना में आयोजित Mobile World Congress 2026 के दौरान दी गई। कंपनी ने बताया कि इस सर्विस के लिए सैकड़ों नए सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।
2027 में शुरू होगी डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस
SpaceX के स्टारलिंक इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट Michael Nicolls ने बताया कि कंपनी 2027 के मध्य (जून के आसपास) इस सर्विस की शुरुआत करने की योजना बना रही है।
इसके लिए कंपनी अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट Starship का इस्तेमाल करेगी, जिसके जरिए सैकड़ों छोटे सैटेलाइट लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भेजे जाएंगे।
शुरुआत में लगभग 1200 सैटेलाइट्स का नया नेटवर्क बनाया जाएगा।
जमीन जैसी कनेक्टिविटी देने का दावा
कंपनी का कहना है कि स्टारलिंक मोबाइल का लक्ष्य यह है कि सैटेलाइट से कनेक्ट होने पर भी यूजर्स को जमीन पर मिलने वाली नेटवर्क क्वालिटी जैसी कनेक्टिविटी मिले।
यह सर्विस स्टारलिंक के सेकंड-जनरेशन कॉन्स्टेलेशन से ऑपरेट होगी।
- Starlink नेटवर्क में पहले से 9000 से ज्यादा सैटेलाइट मौजूद हैं
- इनमें से लगभग 600 सैटेलाइट Direct-to-Cell टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करते हैं
नई लॉन्चिंग के बाद यह क्षमता और तेजी से बढ़ेगी।
बिना नेटवर्क भी चलेंगे कॉल और इंटरनेट
नई टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यूजर्स को मोबाइल टावर की जरूरत नहीं होगी।
Direct-to-Cell तकनीक से यूजर्स:
- वॉयस कॉल कर सकेंगे
- SMS भेज सकेंगे
- इंटरनेट डेटा इस्तेमाल कर सकेंगे
यह सुविधा खासतौर पर उन इलाकों के लिए बेहद उपयोगी होगी जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचता, जैसे:
- पहाड़ी इलाके
- समुद्र
- दूरदराज गांव
- आपदा प्रभावित क्षेत्र
दुनिया भर में बदलेगा मोबाइल नेटवर्क सिस्टम
Starlink की इस तकनीक से टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा बदलाव आ सकता है। अगर यह सर्विस सफल होती है तो भविष्य में मोबाइल टावरों पर निर्भरता काफी कम हो सकती है और दुनिया के दूरदराज इलाकों तक भी इंटरनेट पहुंचाना आसान हो जाएगा। इस पूरी परियोजना के पीछे दुनिया के सबसे चर्चित टेक उद्यमियों में से एक Elon Musk की कंपनी SpaceX काम कर रही है।









