
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। 2 मार्च को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स करीब 1500 अंकों (1.80%) की गिरावट के साथ 79,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी लगभग 450 अंक (1.80%) टूटकर 24,700 के स्तर पर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध जैसे हालात और वैश्विक तनाव से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से कंपनियों की लागत बढ़ती है और मुनाफा घट सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ जाता है।
कच्चा तेल 10% उछला, 79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
तेल बाजार में तेज उछाल देखा गया है। Brent Crude की कीमत 10% बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो जानकारों का मानना है कि तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।
तेल महंगा होने का सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। अनुमान है कि दिल्ली में पेट्रोल 95 रुपए से बढ़कर 100 रुपए प्रति लीटर तक और डीजल 88 रुपए से बढ़कर 92 रुपए प्रति लीटर तक जा सकता है।
ऊर्जा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में आज सबसे ज्यादा दबाव देखा जा रहा है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का माहौल है:
- जापान का Nikkei 225 1.53% गिरकर 57,950 पर कारोबार कर रहा है।
- हॉन्गकॉन्ग का Hang Seng Index 1.60% टूटकर 26,035 पर है।
- चीन का Shanghai Composite Index हल्की 0.07% की बढ़त के साथ 4,160 पर कारोबार कर रहा है।
अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख
27 फरवरी को अमेरिकी बाजारों में भी दबाव रहा:
- Dow Jones Industrial Average 17 अंक (1.05%) गिरकर 48,977 पर बंद हुआ।
- Nasdaq Composite 0.92% टूटकर 22,668 पर बंद हुआ।
- S&P 500 30 अंक (0.43%) गिरकर 6,878 पर बंद हुआ।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव से शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर बाजार की अगली चाल निर्भर करेगी।










