शहरी संरचना, जल निकासी प्रणाली व निर्माण तकनीक को समझा
इनटेक के तत्वावधान में किया छात्रों ने किया राखीगढ़ी का शैक्षिक भ्रमण

रोहतक (हरियाणा) 26 फरवरी 2026 : दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के योजना और वास्तुकला विभाग (प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट) के छात्रों ने सिंधु घाटी सभ्यता की गवाह राखीगढ़ी साइट का शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने सिंधु घाटी सभ्यता का पैटर्न, शहरी संरचना, जल निकासी प्रणाली व निर्माण तकनीक समझी, ताकि अपना कोर्स पूरा करने के बाद नए शहरों की प्लानिंग बेहतरीन ढंग से कर सकें।
DLCSUPVA
छात्रों का शैक्षिक भ्रमण
शैक्षिक भ्रमण का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय कला और सांस्कृतिक धरोहर न्यास (इनटेक) के रोहतक चैप्टर की ओर से किया गया। इनटेक का इंस्टीट्यूशनल पार्टनर होने के नाते डीएलसीसुपवा के प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट के छात्रों का यह भ्रमण कराया गया। इसमें 34 छात्रों के साथ चैप्टर संयोजक एवं डीन अकेडमिक अफेयर्स डॉ. अजय कौशिक, सह-संयोजक आर्किटेक्ट सुप्री माहेश्वरी, प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के एफसी अजय बाहू जोशी, असिस्टेंट प्रोफेसर आनंद भी शामिल रहे।

राखीगढ़ी में साइट संग्रहालय का दौरा
राखीगढ़ी में साइट संग्रहालय का दौरा करते हुए छात्र-छात्राओं ने हड़प्पा काल के जीवन और शिल्प कौशल को दर्शाने वाली कलाकृतियों, उपकरणों, मिट्टी के बर्तनों और सांस्कृतिक सामग्रियों के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान सिंधु सभ्यता के उन्नत योजना सिद्धांतों को उजागर करने वाले विभिन्न खुदाई टीलों का भी दौरा किया, ताकि बस्ती के पैटर्न, शहरी संरचना, जल निकासी प्रणालियों और निर्माण तकनीकों को समझा जा सके।
मिट्टी के बर्तनों की कार्यशाला में भाग लिया
शैक्षिक भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने मिट्टी के बर्तनों की कार्यशाला में भाग लिया, जहां उन्होंने पारंपरिक मिट्टी मॉडलिंग तकनीकों के बारे में सीखा और प्राचीन शिल्प परंपराओं से व्यावहारिक रूप से जुड़ाव महसूस किया। एफसी अजय बाहू जोशी ने बताया कि इस भ्रमण ने अनुभवात्मक सीखने का मूल्यवान अवसर छात्रों को प्रदान किया, जिससे शहरी योजना, वास्तुकला और सांस्कृतिक संरक्षण के सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों के साथ देखने का मौका मिला। इनटेक व डीएलसीसुपवा का यह प्रयास विरासत के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने व सांस्कृतिक रूप से सूचित डिजाइन और योजना शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाला साबित होगा।










