
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारत सरकार, नागालैंड सरकार और पूर्वी नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ENPO) के बीच गुरुवार को एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में हुए इस करार को सरकार ने ऐतिहासिक करार दिया है।
फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के गठन का रास्ता साफ
इस अवसर पर अमित शाह और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो स्वयं मौजूद रहे। इस समझौते के तहत नागालैंड के छह पूर्वी जिलों—तुएनसांग, मोन, किफिरे, लॉन्गलेंग, नोकलाक और शमाटोर—के लिए फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
FNTA को कुल 46 विषयों से जुड़ी प्रशासनिक और विकासात्मक शक्तियां सौंपी जाएंगी। यह पहली बार है जब नागा आदिवासी संगठनों के एक बड़े समूह ने भारत सरकार के साथ कुछ शर्तों पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि इससे पूर्वी नागालैंड में विकास, प्रशासनिक स्थिरता और विश्वास का नया अध्याय शुरू होगा।
अमित शाह का बयान
इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन उत्तर-पूर्व भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस उग्रवाद-मुक्त, हिंसा-मुक्त और विकसित नॉर्थ ईस्ट की कल्पना की गई है, आज हम उस दिशा में एक और ठोस कदम आगे बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले तक उत्तर-पूर्व कई हथियारबंद संगठनों, हिंसा और अंतर-राज्यीय विवादों से जूझ रहा था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और क्षेत्र शांति की ओर बढ़ रहा है।
2019 के बाद 12 बड़े समझौते
अमित शाह ने बताया कि 2019 से अब तक केंद्र सरकार ने नॉर्थ ईस्ट में 12 महत्वपूर्ण शांति और विकास समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें केवल करार करती थीं, लेकिन मोदी सरकार उन समझौतों को पूरी ईमानदारी और भावना के साथ लागू भी करती है। गृह मंत्री ने ENPO के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पूर्वी नागालैंड के विकास की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। हर साल इसके लिए एक तय बजट आवंटित किया जाएगा और शुरुआती प्रशासनिक खर्च गृह मंत्रालय स्वयं वहन करेगा।
सरकार न्याय और सम्मान दोनों सुनिश्चित करेगी
विवाद नहीं, समाधान की नीति अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार की नीति हर विवाद का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए निकालने की है। उन्होंने बताया कि 2021-22 में ENPO को भरोसा दिलाया गया था कि सरकार न्याय और सम्मान दोनों सुनिश्चित करेगी—और आज उसी वादे को पूरा किया गया है।










