
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह कोहरे के कारण एक भीषण दुर्घटना घटना घट गई । एक के बाद एक करके 7 बसें और तीन कारें भिड़ गई और उनमें भंयकर आग लग गई । इस हादसे में 13 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई । मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है । घायलों की संख्या भी दर्जनों में है।
हादसा एक बस के अचानक स्पीड धीमी करने के चलते हुआ । जैसे ही एक बस वाले ने अपनी बस की स्पीड धीमी की पीछे चल रही सभी गाड़ियों एक दूसरे मे टकरा गई । सभी गाड़ियों के आपस में टकराने से वाहनों में भयंकर आग लग गई । चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी । लोग बसों के शीशे तोड़कर अपनी बचाने की कोशिश कर रहे थे
पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के 50 जवानों और 9 थानों की पुलिस ने 6 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। हादसे के चलते एक्सप्रेस-वे पर 3 किमी लंबा जाम लग गया था। हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ADM प्रशासन अमरेश जांच का नेतृत्व करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि जनपद मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
चश्मदीदों ने मृतकों की संख्या ज्यादा बताई है
हादसे में करीब 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं, हालांकि चश्मदीदों का कहना है कि 20 एम्बुलेंस से लगभग 100 से 150 घायलों को अस्पताल भेजा गया। बसों के अंदर मानव अंग फंसे हुए देखे। रेस्क्यू में जुटे एक युवक का कहना तथा कि उसने खुद 8–9 शव बसों से बाहर निकाले हैं।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार हादसा घने कोहरे के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि एक बस ने अचानक रफ्तार कम की, जिसके चलते पीछे से आ रहे वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। टक्कर इतनी तेज थी कि प्रत्यक्षदर्शियों को धमाके बम फटने जैसे लगे। कई लोग जान बचाने के लिए बसों के शीशे तोड़कर बाहर कूदे।
शवों को पहचान के लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा
CMO राधा बल्लभ ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के लिए जले हुए शवों के अवशेष 17 बैगों में अस्पताल लाए गए हैं। शवों की पहचान DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी। वृंदावन के जिला संयुक्त चिकित्सालय में कई घायलों का इलाज चल रहा है, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सुबह कोहरा छटने के बाद हादसे की भयावह तस्वीर सामने आई। एक्सप्रेस-वे पर हर तरफ जली हुई बसें, कारें और राख बिखरी नजर आई। मलबा हटाने का काम अब भी जारी है।










