
islam main sirf ek-allah ki ibaadat madni, मौलाना अरशद मदनी ने वंदे मातरम् मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश से प्यार और उसकी पूजा करना दो अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर धार्मिक और ऐतिहासिक मुद्दों का इस्तेमाल राजनीति में नहीं होना चाहिए।
islam main sirf ek-allah ki ibaadat madni
प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) के प्रमुख Maulana Arshad Madani ने जारी बयान में कहा कि इस्लाम में sirf ek allah ki ibaadat होती है, इसलिए मुसलमान पूजा के रूप में किसी दूसरे को शामिल नहीं कर सकते। उन्होंने साफ कहा कि मुसलमानों को किसी के भी वंदे मातरम् पढ़ने या गाने पर आपत्ति नहीं है।
Maulana Arshad Madani ne Vande Mataram पर बोलते हुए कहा कि इस गीत की कुछ पंक्तियाँ ऐसी हैं, जो मुस्लिम धर्म के खिलाफ जाती हैं, जिसमें देश को एक देवी के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में किसी भी इंसान या चीज़ को भगवान जैसा मानना सही नहीं है। क्योंकि मुसलमान sirf ek allah ki Ibaadat करते हैं ।
संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता देता है
उन्होंने आगे कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता देता है। संविधान में यह स्पष्ट कहा गया है कि किसी को भी उसकी धार्मिक मान्यता के खिलाफ कोई नारा या गीत बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट भी इस बात पर फैसला दे चुका है कि किसी नागरिक को राष्ट्रगान या गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
देश से प्यार करना मुसलमानों के लिए कोई नई बात नहीं
Maulana Arshad Madani ne Vande Mataram पर बात करते हुए बोले कि देश से प्यार करना मुसलमानों के लिए कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में मुसलमानों और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेताओं की कुर्बानियाँ सबके सामने हैं और इसका किसी को प्रमाण देने की जरूरत नहीं है।
देश में एकता, सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा दें
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस सम्मान, संवैधानिक अधिकार और धार्मिक भावनाओं के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक फायदे के लिए। उन्होंने सभी राजनीतिक नेताओं से अपील की कि ऐसे मुद्दों को राजनीति में इस्तेमाल न करके देश में एकता, सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा दें। राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने पर संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा हुई, इसी के दौरान यह बयान सामने आया।









