
भारत सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हालिया बड़ी कार्रवाई में सरकार ने 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है। इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं, जो मुख्य रूप से युवाओं को निशाना बनाकर चलाए जा रहे थे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद से अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया जा चुका है। इनमें से करीब 4900 प्लेटफॉर्म्स अवैध सट्टेबाजी और जुआ से जुड़े थे, जबकि बाकी अन्य अवैध ऑनलाइन गेमिंग और मनी गेमिंग से संबंधित थे।300 illegal betting websites blocked India
300 illegal betting websites blocked India,कार्रवाई का उद्देश्य
300 illegal betting websites blocked India सरकार का मुख्य फोकस युवाओं की सुरक्षा, आर्थिक नुकसान को रोकना और सामाजिक प्रभावों को कम करना है। अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म अक्सर यूजर्स को लालच देकर बड़ी रकम हड़प लेते हैं, जिससे कई परिवार उजड़ जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इन प्लेटफॉर्म्स के लिंक्स को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए हैं, जिससे भारत में इनकी पहुंच लगभग समाप्त हो गई है।
1. ताजा ब्लॉक: 300 वेबसाइट्स और ऐप्स (20 मार्च 2026 की अपडेट के अनुसार)
सरकार ने सबसे हालिया चरण में 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स, ऐप्स और उनके लिंक्स को ब्लॉक किया है।
इनमें मुख्य रूप से ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो क्रिकेट (खासकर IPL सीजन), फुटबॉल और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी करवाते हैं।
ये प्लेटफॉर्म अक्सर विदेशी सर्वर (जैसे कुराकाओ, फिलीपींस आदि) से चलते हैं और भारतीय यूजर्स को VPN या मिरर साइट्स के जरिए एक्सेस करने देते हैं।
MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) ने ISPs (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स) को आदेश दिए हैं कि ये सभी लिंक्स भारत में ब्लॉक कर दिए जाएँ, ताकि आम यूजर की पहुंच बंद हो जाए।
2. कुल ब्लॉक: अब तक 8400 प्लेटफॉर्म्स
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट (Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025) लागू होने के बाद से कुल 8400 अवैध प्लेटफॉर्म्स (वेबसाइट्स + ऐप्स + लिंक्स) पर बैन लग चुका है।
इनमें से लगभग 4900 प्लेटफॉर्म्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के लागू होने के बाद ब्लॉक किए गए हैं, यानी कार्रवाई में तेजी आई है।
पहले जनवरी 2026 में 242 प्लेटफॉर्म ब्लॉक हुए थे, जिससे कुल संख्या 7800 के आसपास पहुंची थी। अब मार्च में 300 और जोड़कर यह आंकड़ा 8400 तक पहुँच गया है।
ये संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि नए-नए मिरर साइट्स और ऐप्स उभरते रहते हैं, जिन्हें सरकार ट्रैक करके ब्लॉक करती रहती है।
3. शामिल प्रकार के प्लेटफॉर्म
स्पोर्ट्स बेटिंग: IPL, क्रिकेट मैच, फुटबॉल, टेनिस आदि पर लाइव बेटिंग।
जुआ (Gambling): ऑनलाइन कैसीनो गेम्स जैसे रूलेट, पोकर, स्लॉट्स, ब्लैकजैक।
मनी गेमिंग: रियल मनी वाले फैंटसी स्पोर्ट्स, लॉटरी-स्टाइल गेम्स और अन्य ऐसे प्लेटफॉर्म जहां पैसे जीतने-हारने का सिस्टम है।
ज्यादातर ये प्लेटफॉर्म ऑफशोर (विदेशी) हैं और भारतीय कानून का पालन नहीं करते। इनमें कई स्कैम भी शामिल हैं जो यूजर्स को लालच देकर पैसे ठग लेते हैं।
4. कारण: युवाओं को आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचाना
सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की रक्षा करना है, क्योंकि ये प्लेटफॉर्म ज्यादातर 18-35 साल के युवाओं को टारगेट करते हैं।
ऐसे प्लेटफॉर्म्स से लाखों-करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान होता है – कई परिवार उजड़ जाते हैं, कर्ज में डूब जाते हैं, और कभी-कभी आत्महत्या जैसी घटनाएँ भी सामने आती हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर: लत लगना, तनाव, डिप्रेशन, फैमिली डिस्प्यूट।
डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाना: बच्चों-युवाओं को फर्जी ऐप्स और स्कैम से बचाना, और भुगतान गेटवे (UPI, बैंक) के जरिए पैसे के ट्रांसफर को रोकना।
IPL जैसे बड़े इवेंट्स के समय ये प्लेटफॉर्म सबसे ज्यादा एक्टिव होते हैं, इसलिए कार्रवाई में और तेजी आती है।
5. पृष्ठभूमि और कानूनी आधार
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 (Promotion and Regulation of Online Gaming Act) के लागू होने के बाद रियल-मनी गेमिंग पर देशव्यापी बैन लगा।
MeitY धारा 69A (IT Act, 2000) के तहत ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी करता है।
सरकार ने बैंकों और पेमेंट गेटवे को भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े ट्रांजेक्शन ब्लॉक करें।
लोगों से अपील : केवल वैध और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म (अगर कोई बचे हों) का इस्तेमाल करें, विदेशी/अवैध ऐप्स से दूर रहें।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी विदेशी या अवैध बेटिंग/गेमिंग प्लेटफॉर्म से दूर रहें और केवल वैध माध्यमों का इस्तेमाल करें। यह कार्रवाई आईपीएल जैसे बड़े इवेंट्स के समय और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब ऐसे प्लेटफॉर्म एक्टिव हो जाते हैं।









