
छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्तर की ई-रिसोर्स सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
रोहतक : दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) की सेंट्रल लाइब्रेरी में इन्फ्लिबनेट कॉर्नर की स्थापना की गई। इसका उद्घाटन कुलगुरु डॉ अमित आर्य व प्रसिद्ध कवि व लेखक राणा यशवंत ने किया। इन्फ्लिबनेट कॉर्नर में छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्तर की ई-रिसोर्स सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे छात्रों को अपने शोध की गुणवत्ता को निखारने में मदद मिलेगी।
शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा
यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने कहा कि इन्फ्लिबनेट कॉर्नर का फायदा छात्रों के साथ ही तमाम फैकेल्टी व रिसर्चर हो भी मिलेगा। इसमें बिना किसी शुल्क के सिर्फ क्यूआर कोड को स्कैन करते ही अलग-अलग विषय सें संबंधित जानकारियों पर पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन्फ्लिबनेट कॉर्नर बनाने से न केवल सुपवा परिवार के शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शोध में पारदर्शिता और नवाचार को भी बल मिलेगा।
थीसिस लेखन में सहायता मिलेगी
कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि इन्फ्लिबनेट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक पहल है, जिसके माध्यम से शोधार्थी विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल, शोध पत्र, ई-बुक्स और डेटाबेस तक पहुंच बना सकते हैं। इस कॉर्नर के माध्यम से छात्र शोध में नवाचार, संदर्भ सामग्री की खोज और थीसिस लेखन में सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इन्फ्लिबनेट के उपयोग, उपलब्ध सामग्रियों और उनके उपयोग के बारे में छात्रों को पारंगत करने की जिम्मेदारी लाइब्रेरी स्टाफ को सौंपी गई है। लाइब्रेरी इंचार्ज डॉ सीमा ने इन्फ्लिबनेट कॉर्नर की जरूरत और इसमें मौजूद सेवाओं को प्रयोग करने के तरीके से अवगत कराया। इस अवसर पर विजुअल आर्ट्स विभाग के एफसी विनय कुमार, आर्किटेक्चर एवं प्लानिंग के एफसी अजय बाहू जोशी, असिस्टेंट लाइब्रेरियन रेनू कादियान व अन्य फैकेल्टी सदस्य व स्टाफ भी मौजूद रहा।









