
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोलंबो के पवित्र गंगारामया मंदिर में पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम श्री अनुरा कुमारा दिसानायके के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि अप्रैल 2025 में उनकी श्रीलंका यात्रा के दौरान यह निर्णय लिया गया था कि इन पवित्र अवशेषों को श्रीलंका लाया जाएगा, जिससे लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा।
श्री मोदी ने कहा कि भारत और श्रीलंका सदियों से चली आ रही साझा विरासत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से मजबूत होते गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों से बंधे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से पवित्र देवनीमोरी अवशेष श्रीलंका में पहुंचना दोनों देशों के बीच अटूट आध्यात्मिक बंधन का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भगवान बुद्ध का करुणा, शांति और सद्भाव का शाश्वत संदेश मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा और सीमाओं के पार एकता और समझ को बढ़ावा देगा।
एक्स पर अलग-अलग पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा
“कोलंबो के पवित्र गंगारामया मंदिर में पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के प्रति आभार। अप्रैल 2025 में मेरी यात्रा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि ये अवशेष श्रीलंका लाए जाएंगे, जिससे लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा। हमारे राष्ट्र गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक बंधनों से जुड़े हुए हैं। भगवान बुद्ध का करुणा, शांति और सद्भाव का शाश्वत संदेश मानवता का मार्गदर्शन करता रहे।
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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक 7 फरवरी को
दलहन में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को तेज़ करने के लिए 7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सिहोर जिले में राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कई दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री इसमें शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन कृषि मंत्रालय द्वारा ICAR और ICARDA के सहयोग से किया जा रहा है। इस दौरान उन्नत दलहन किस्मों, नई तकनीकों, बीज प्रणाली, MSP, वैल्यू चेन और किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा होगी। केंद्रीय मंत्री आधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन करेंगे और किसानों से संवाद करेंगे। इस मौके पर “पल्सेस मिशन पोर्टल” लॉन्च किया जाएगा और प्रगतिशील किसानों को उन्नत बीज वितरित किए जाएंगे। बैठक में तूर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख फसलों पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि खेत से थाली तक पूरी दलहन वैल्यू चेन मजबूत हो सके।
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चुनाव विवाद से जनगणना की कमान तक: IAS रश्मि कमल को बड़ी जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में जनगणना कराने की जिम्मेदारी चर्चित IAS अधिकारी रश्मि कमल को सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्य का जनगणना संचालन निदेशक और नागरिक पंजीकरण निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी रश्मि 14 जनवरी 2026 से तीन साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यभार संभालेंगी।

MBBS डॉक्टर रह चुकी रश्मि कमल ने पटना यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई और IGNOU से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्हें करीब 20 साल का प्रशासनिक अनुभव है और वे हिंदी, अंग्रेजी व बंगाली में दक्ष हैं। रश्मि कमल 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सुर्खियों में आई थीं, जब BJP की शिकायत पर उन्हें कोलकाता साउथ की रिटर्निंग ऑफिसर के पद से हटाया गया था। अब वे 2027 की जनगणना प्रक्रिया की अहम भूमिका निभाएंगी, जो दो चरणों में पूरी होगी।
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चुनाव से पहले ममता का बड़ा दांव, महिलाओं-युवाओं पर बजट की बारिश
चुनावी सरगर्मियों के बीच ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल का 2026-27 का अंतरिम बजट पेश कर दिया है। 4.06 लाख करोड़ रुपये के बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में बजट पेश किया। सबसे अहम घोषणा लक्ष्मी भंडार योजना को लेकर हुई है। अब SC/ST महिलाओं को 1700 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये महीने मिलेंगे। पहले यह राशि 1000–1200 रुपये थी। इस योजना का लाभ 25 से 60 वर्ष की EWS महिलाओं को मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने ‘युवा साथी योजना’ के तहत 21 से 40 साल के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये महीने बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया है, जो नौकरी मिलने या अधिकतम 5 साल तक मिलेगा। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते साइन संभव ?
भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील पर अगले हफ्ते की शुरुआत में हस्ताक्षर हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के भारत दौरे के दौरान इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर मुहर लगेगी, जिसके बाद इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्र—कृषि, डेयरी और फिशरीज—को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। अब तक भारत ने किसी भी व्यापार समझौते में इन क्षेत्रों में कोई रियायत नहीं दी है और अमेरिका के साथ डील में भी यही रुख अपनाया गया है। वहीं विपक्ष ने सरकार से समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अब तक केवल “मेक इन अमेरिका” को बढ़ावा देने जैसी बातें सामने आई हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक करार बताते हुए कहा कि भारत अपने घरेलू कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा में सफल रहा है।
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फ्यूल स्विच विवाद: बोइंग 787 को उड़ान की इजाजत कैसे मिली ? CAA सख्त
ब्रिटेन की एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने एयर इंडिया से बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी घटना पर जवाब मांगा है। यह विमान रविवार को लंदन से बेंगलुरु पहुंचा था, जहां लैंडिंग के बाद सुरक्षा जांच के लिए इसे ग्राउंड कर दिया गया। CAA ने सवाल उठाया है कि अगर फ्यूल स्विच में खराबी की आशंका थी, तो विमान को उड़ान की अनुमति क्यों दी गई।

ब्रिटिश रेगुलेटर ने चेतावनी दी है कि एक हफ्ते में संतोषजनक जवाब न मिलने पर एयर इंडिया और उसके बोइंग 787 विमानों पर कार्रवाई हो सकती है। एयर इंडिया का कहना है कि जांच में फ्यूल स्विच पूरी तरह ठीक पाए गए हैं और सभी 33 ड्रीमलाइनर विमानों की भी जांच की गई है। नागरिक उड्डयन नियामक के अनुसार, लंदन में इंजन स्टार्ट के दौरान स्विच दो बार लॉक नहीं हुआ था, लेकिन तीसरी बार सही हो गया। विमान में करीब 200 यात्री सवार थे।
उमर अब्दुल्ला का बड़ा फैसला, आपदा प्रभावित परिवारों को 40 साल का पट्टा
जम्मू-कश्मीर में आपदा से प्रभावित भूमिहीन परिवारों के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा ऐलान किया है। सरकार 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित प्रत्येक भूमिहीन परिवार को आवासीय उद्देश्य के लिए 5 मरला सरकारी जमीन 40 साल के पट्टे पर देगी। इस जमीन पर कोई अधिभार नहीं लिया जाएगा और प्रति मरला सालाना किराया सिर्फ 10 रुपये तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और भूकंप से बेघर हुए परिवारों के लिए यह फैसला लिया गया है, जिसके लिए 2 जनवरी को सरकारी आदेश जारी हो चुका है। विधानसभा में BJP विधायक के सवाल के जवाब में उन्होंने इसकी पुष्टि की। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उधमपुर जिले में आपदा से प्रभावित 6,400 से ज्यादा परिवारों को अब तक 23.49 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम भी जारी है।
भारत-पाक मैच पर संकट, श्रीलंका और क्रिकेट जगत को भारी नुकसान का डर
भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाला मुकाबला संकट में फंस गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस मैच को खेलने से इनकार कर दिया है, जिससे पूरे क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ गई है। इस फैसले का सबसे बड़ा असर मेजबान श्रीलंका पर पड़ सकता है।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पीसीबी को आधिकारिक ई-मेल भेजकर चेताया है कि अगर यह हाई-वोल्टेज मैच नहीं हुआ तो उसे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। ई-मेल में बताया गया है कि मैच की तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अनिश्चितता के चलते कोलंबो में बड़े पैमाने पर होटल बुकिंग रद्द हो रही हैं, जिससे पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है। SLC ने यह भी याद दिलाया कि उसने हमेशा मुश्किल समय में पाकिस्तान का साथ दिया है और पीसीबी से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है।
इस मुद्दे पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भी चिंता जताई है। बीसीबी का कहना है कि अगर मैच नहीं हुआ तो सभी क्रिकेट बोर्ड्स को नुकसान होगा, ब्रॉडकास्टर्स कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं और आईसीसी पाकिस्तान पर सख्त कदम उठा सकती है।
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ईरान पर हमला हुआ तो लाल सागर फिर बनेगा युद्धक्षेत्र, हूतियों की चेतावनी
अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो लाल सागर में एक बार फिर संघर्ष भड़क सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोही ईरान के समर्थन में अमेरिकी और इजरायली जहाजों को निशाना बना सकते हैं। इजरायली पब्लिक ब्रॉडकास्टर KAN ने दावा किया है कि हूती लाल सागर में हमलों की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों ने मिसाइलों और ड्रोन जैसे सैन्य संसाधनों को अमेरिकी ठिकानों और समुद्री मार्गों के पास मूव किया है। इससे पहले अक्टूबर 2023 में भी हूतियों ने गाजा युद्ध के बाद लाल सागर में जहाजों पर हमले किए थे। हालांकि, इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत की संभावना भी बनी है। ईरान ने वार्ता के संकेत दिए हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि समझौता न होने पर सैन्य विकल्प खुले रहेंगे। ऐसे में लाल सागर एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन सकता है।
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स्पेस वॉर की आहट! रूस, यूक्रेन और स्टारलिंक के बीच नई टक्कर
यूक्रेन-रूस युद्ध अब जमीन और आसमान से आगे बढ़कर अंतरिक्ष तक पहुंच गया है। अधिकारियों का दावा है कि रूस के जासूसी स्पेसक्राफ्ट लुच-1 और लुच-2 यूरोप के अहम सैटेलाइट्स के बेहद करीब जाकर उनके संचार को इंटरसेप्ट कर रहे हैं। अब तक 12 यूरोपीय सैटेलाइट्स की निगरानी किए जाने की बात सामने आई है, जिससे डेटा लीक और सैटेलाइट क्रैश का खतरा बढ़ गया है।
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने इसे रूस की हाइब्रिड वॉरफेयर रणनीति बताया है। वहीं यूक्रेन के लिए एलन मस्क की स्टारलिंक सेवा सबसे बड़ी संचार रीढ़ बनी हुई है, जिससे रूस नाराज है। रूसी टीवी पर स्टारलिंक को निशाना बनाने तक की बातें हो चुकी हैं। NATO खुफिया एजेंसियों को शक है कि रूस एंटी-सैटेलाइट हथियार विकसित कर रहा है, जो अंतरिक्ष में बड़े खतरे की वजह बन सकता है।
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BRICS की दहलीज पर तुर्की, चीन से नज़दीकी बढ़ाकर नई कूटनीतिक चाल
ब्रिक्स में शामिल होने की तुर्की की महत्वाकांक्षा एक बार फिर तेज हो गई है। 2024 में औपचारिक आवेदन के बावजूद पूर्ण सदस्यता न मिलने के बाद अब अंकारा ने चीन के साथ रिश्ते मजबूत करने की नई कूटनीतिक पहल शुरू की है। चीन में नए राजदूत सेल्कुक उनाल की नियुक्ति को इसी रणनीति का अहम कदम माना जा रहा है।

तुर्की का मानना है कि ब्रिक्स में शामिल होकर वह वैश्विक आर्थिक फैसलों में अपनी भूमिका बढ़ा सकता है और पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम कर सकता है। हालांकि उसकी नाटो सदस्यता सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है, जिसके चलते उसे अब तक केवल पार्टनर कंट्री का दर्जा मिला है। यूक्रेन युद्ध और बदलती वैश्विक राजनीति के बीच तुर्की रूस और चीन के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। व्यापार, निवेश, सुरक्षा और बेल्ट एंड रोड परियोजना में उसकी सक्रिय भूमिका ब्रिक्स सदस्यता की दावेदारी को और मजबूत करती है।
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एपस्टीन फाइल्स : पोलियो फंड के नाम पर दान और नैतिकता पर सवाल
कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन का आखिरी इंटरव्यू अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी कर दिया है, जिसमें उसने अपने विचारों और कामकाज को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एपस्टीन ने कहा कि वह गंदी कमाई को “पवित्र” बनाने के लिए दान करता था और पाकिस्तान जैसे गरीब देशों में पोलियो फंड के लिए बड़ी रकम देता था। उसका मानना था कि दान देने के बाद पैसा गलत नहीं रह जाता।
इंटरव्यू में एपस्टीन ने यह भी कहा कि वह नैतिकता का बोझ नहीं उठाना चाहता और जैसा है वैसा ही रहना चाहता है। एपस्टीन फाइल्स के मुताबिक उसने बिल गेट्स और गेट्स फाउंडेशन से पोलियो फंड को लेकर बातचीत की थी, जिसमें पाकिस्तान और नाइजीरिया का जिक्र है।
2019 में मौत के बाद सामने आई ये फाइल्स अमेरिका और यूरोप में हलचल मचा रही हैं। एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप थे।
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स्वाति मालीवाल ने उठाए फार्मा कंपनियों और डॉक्टरों के गठजोड़ पर गंभीर सवाल
दिल्ली से राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने फार्मा कंपनियों और डॉक्टरों के गठजोड़ को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि वर्ष 2024 में एक बड़ी फार्मा कंपनी ने करीब ₹2 करोड़ खर्च कर भारत के 30 डॉक्टरों को पेरिस घुमाया। स्वाति मालिवाल ने आरोप लगाया कि कई फार्मा कंपनियां डॉक्टरों और अस्पतालों को तरह-तरह के लालच देती हैं, ताकि वे मरीजों को उनकी दवाएं और इंजेक्शन लिखें। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और गैर-कानूनी बताया और कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाना जरूरी है।
वीडियो में उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कई मामलों में डॉक्टरों को प्रति इंजेक्शन कमीशन और ज्यादा बिक्री पर विदेश यात्रा जैसे इंसेंटिव दिए जाते हैं। सांसद ने सरकार से पूछा कि संबंधित फार्मा कंपनी पर क्या कार्रवाई हुई है और क्या इस तरह की प्रथाओं को रोकने के लिए कोई सख्त कानून लाया जाएगा।
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हिंदू पहचान से CAA तक: हिमंत सरमा बनाम गौरव गोगोई की सियासी जंग तेज
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा के बयानों को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और APCC अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सीएम सरमा पर तीखा हमला करते हुए उनके हिंदू होने और नैतिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए। गोगोई ने कहा कि हिंदू धर्म सत्य और ईमानदारी की बात करता है, लेकिन मुख्यमंत्री इन मूल्यों पर खरे नहीं उतरते और बार-बार अपनी राजनीतिक विचारधारा बदलते रहे हैं।
गोगोई ने आरोप लगाया कि सीएम सरमा CAA का समर्थन कर स्वदेशी असमिया हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और झूठी छवि बना रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरमा की पहचान केवल एक बड़े जमीन मालिक तक सिमट कर रह जाएगी। इन आरोपों पर सीएम हिमंत विश्व सरमा ने पलटवार करते हुए ऐलान किया कि वे 9 फरवरी 2026 को गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल मानहानि का केस दर्ज करेंगे।
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मणिपुर में नई सरकार के बाद हिंसा, कुकी इलाकों में बंद और झड़पें
मणिपुर में नई सरकार बनने के महज एक दिन बाद ही हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। गुरुवार को कुकी आदिवासी बहुल चुराचांदपुर जिले में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। कुकी समुदाय की ओर से बुलाए गए बंद के दौरान जब सुरक्षाबलों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

सरकार गठन से पहले ही कई कुकी संगठनों ने अपने विधायकों को चेतावनी दी थी कि वे इस प्रक्रिया में शामिल न हों। इसके बावजूद सरकार बनने के बाद जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कुकी बहुल इलाकों में पूर्ण बंद का आह्वान किया और अलग कुकी प्रशासन की मांग दोहराई। बुधवार रात कांगपोकपी जिले में भी डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन के शपथ ग्रहण के विरोध में प्रदर्शन हुआ। उग्रवादी संगठनों ने चेताया है कि सरकार गठन में शामिल होना समुदाय के साथ विश्वासघात माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
प्रदूषण पर रेखा गुप्ता का हमला, पिछली सरकार को ठहराया जिम्मेदार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में वायु प्रदूषण और यमुना नदी की गंदगी को लेकर पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वर्षों की लापरवाही और गलत नीतियों की वजह से दिल्ली आज इन गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक और समग्र रणनीति पर काम कर रही है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि जीआरएपी, ऑड-ईवन, एंटी-स्मॉग गन और कृत्रिम बारिश जैसे उपाय स्थायी समाधान नहीं थे। प्रदूषण के प्रमुख कारण वाहनों का धुआं, सड़क की धूल और कचरा प्रबंधन की खराब स्थिति रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को चरणबद्ध तरीके से जीरो कार्बन बनाने की दिशा में बढ़ रही है और 2028 तक 11,000 बसों का लक्ष्य रखा गया है। यमुना सफाई पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का आधुनिकीकरण, नालों की सफाई और बायोगैस संयंत्रों की शुरुआत से हालात सुधरेंगे।
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी : शिक्षा के नाम पर 493 करोड़ की कथित साजिश
अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि अदालत ने अभी इस पर संज्ञान नहीं लिया है। चार्जशीट की एक्सक्लूसिव कॉपी में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। ED का दावा है कि यूनिवर्सिटी ने सालों तक नियमों की अनदेखी कर छात्रों को मान्यता, फैकल्टी और मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं को लेकर गुमराह किया।
ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। जांच में सामने आया कि UGC और NAAC से जुड़ी मान्यताएं सिर्फ कागजों तक सीमित थीं, जबकि मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और मरीजों के रिकॉर्ड फर्जी दिखाए गए। ED के मुताबिक, झूठे दावों के आधार पर छात्रों से मोटी फीस वसूली गई और करीब 493 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई। इस मामले में 140 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और पैसों को परिवार की कंपनियों में ट्रांसफर करने के आरोप भी लगे हैं।
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पश्चिम बंगाल में SIR पर टकराव, SC में ECI ने ममता सरकार पर लगाए आरोप
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) और ममता बनर्जी सरकार आमने-सामने हैं। गुरुवार को चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राज्य सरकार SIR प्रक्रिया में बाधाएं पैदा कर रही है, जिससे चुनाव अधिकारी अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रहे हैं।
ECI ने हलफनामे में आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान चुनाव अधिकारियों को हिंसा, धमकियों और राजनीतिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा। कई मामलों में अधिकारियों की सुरक्षा तक खतरे में पड़ी। आयोग ने कहा कि जहां अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, वहीं बंगाल में हालात अलग हैं।
चुनाव आयोग ने यह भी दावा किया कि 2025 की मतदाता सूची की प्रामाणिकता संदिग्ध है, क्योंकि SIR में 58 लाख से अधिक मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान हुई है और करीब 1.51 करोड़ नोटिस जारी किए गए हैं। इस मामले पर ममता सरकार की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।
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राजस्थान में रामकथा में शिक्षकों की ड्यूटी पर बवाल, आदेश वापस
राजस्थान के बूंदी जिले के बांसी स्थित अंबिका माता मंदिर में चल रही रामकथा के दौरान सरकारी स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। तीन दिन से जारी रामकथा में व्यवस्था संभालने के लिए पांच शिक्षकों को तैनात करने का आदेश दिया गया था, जिस पर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई और मामला विधानसभा तक पहुंच गया। बवाल बढ़ने के बाद बुधवार को यह आदेश वापस ले लिया गया।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नैनवा ने 2 फरवरी को आदेश जारी कर शिक्षकों को पांच दिन के लिए रामकथा की व्यवस्था में लगाने को कहा था और स्कूल प्रिंसिपलों को उन्हें शिक्षण कार्य से मुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा में सवाल उठाया कि धार्मिक कार्यक्रमों में सरकारी शिक्षकों की ड्यूटी कैसे लगाई जा सकती है। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया। विवाद के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि आदेश रद्द कर दिया गया है और आगे ऐसी चूक नहीं होगी।
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CRPF जवान का बेटा 6 महीने से लापता, सोशल मीडिया पर पिता की गुहार
देश की रक्षा में तैनात CRPF जवान का बेटा पिछले छह महीने से लापता है। मामला उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के म्यू-वन सेक्टर का है, जहां सितंबर 2025 में 11वीं कक्षा का छात्र अनिकेत बिधूड़ी अचानक घर से गायब हो गया। बेटे का पता न चलने से परेशान पिता मनोज बिधूड़ी ने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी और अब सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गुहार लगाई है। पिता के मुताबिक अनिकेत 30 सितंबर 2025 को दोपहर में घर से फोन लेकर निकला था। उसकी आखिरी लोकेशन हरिद्वार की मिली थी, लेकिन इसके बाद कोई सुराग नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि दादरी थाना पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती और सिर्फ औपचारिक कार्रवाई की। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्र की तलाश यूपी, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में की गई है और खोजबीन अभी भी जारी है।
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