
टीवी9 नेटवर्क के ‘व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट (WITT) 2026’ में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी के बाद से दुनिया में अस्थिरता बढ़ी है, लेकिन भारत ने विकास और प्रगति के अपने संकल्प को मजबूती से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि आज दुनिया कई खेमों में बंटी हुई है, लेकिन भारत ने हर दिशा में भरोसे के पुल बनाए हैं। ग्लोबल साउथ से लेकर पड़ोसी देशों तक, भारत एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभरा है।
मौजूदा समय में दुनिया संघर्षों में उलझी हुई है
उन्होंने उन सवालों का भी जवाब दिया, जिनमें पूछा जाता है कि भारत किसके साथ खड़ा है। पीएम मोदी ने साफ कहा—भारत किसी और के साथ नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों, शांति और संवाद के साथ खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया संघर्षों में उलझी हुई है, और ऐसे दौर में भारत और विश्व के संबंधों पर चर्चा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा है—अब भारत चुनौतियों से बचता नहीं, बल्कि उनका सामना करता है।
भारतीयों की एकजुटता ने हर संकट को अवसर में बदला
कोरोना महामारी के बाद लगातार आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कोई साल नहीं रहा जिसने भारत की परीक्षा न ली हो। फिर भी 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता ने हर संकट को अवसर में बदल दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भले ही युद्ध भारत की सीमाओं से दूर हो रहे हों, लेकिन उनके प्रभाव से कोई भी देश अछूता नहीं रह सकता। कई देशों की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे कठिन समय में भी राजनीतिक लाभ ढूंढने में लगे हैं, जबकि यह समय संयम और संवेदनशीलता का है। अंत में उन्होंने कहा कि जैसे कोरोना काल में देशवासियों ने धैर्य और अनुशासन से परिस्थितियों का सामना किया, उसी तरह आज भी भारत वैश्विक उथल-पुथल के बीच अपनी विकास गति को बनाए हुए है।








