
US think tank claims India-Pakistan military conflict, अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने अपनी नई रिपोर्ट “Conflict to Watch in 2026” में एशिया को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार 2026 में दो बड़े सैन्य टकराव की स्थिति बन सकती है — पहला भारत-पाकिस्तान के बीच और दूसरा पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच।
CFR का कहना है कि कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियां भारत-पाकिस्तान तनाव को फिर हवा दे सकती हैं। खासतौर पर सर्दियों में जम्मू क्षेत्र में 30 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय होने की आशंका जताई गई है।
भारत-पाकिस्तान टकराव की ‘मॉडरेट संभावना’
रिपोर्ट कहती है कि दोनों देशों के रिश्ते कश्मीर मुद्दे पर अभी भी अत्यंत संवेदनशील हैं। CFR ने इस संभावित संघर्ष को मध्यम संभावना (Moderate Likelihood) वाला बताया है, जिसका असर अमेरिका के हितों पर भी सीमित स्तर पर पड़ सकता है।
मई में 4 दिन तक बना था युद्ध जैसा माहौल
दस्तावेज़ में उस घटना का भी उल्लेख है जब मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित युद्ध जैसी स्थिति पैदा हुई थी।
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत PoK और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
यह कार्रवाई पहलगाम में धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद की गई थी, जिसका आरोप पाकिस्तान समर्थित आतंकियों पर लगा था।
इस घटना के बाद पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की और चार दिनों के तनाव के बाद दोनों देशों ने गोलीबंदी पर सहमति जताई। इसके बावजूद पाकिस्तान नेतृत्व की ओर से विवादित और भड़काऊ बयान लगातार आते रहे, जिससे हालात संवेदनशील बने हुए हैं।
पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा पर भी अस्थिरता बढ़ने का खतरा
CFR रिपोर्ट के अनुसार 2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी संघर्ष की आशंका है।
पाक-अफगान बॉर्डर पर आतंकी गतिविधियां और सीमा पार हमले बढ़ने से हालात टकराव की स्थिति में बदल सकते हैं, हालांकि CFR ने इसे अमेरिका के लिए कम प्रभाव वाला खतरा बताया।
दक्षिण एशिया ग्लोबल सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्र
रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि दक्षिण एशिया 2026 में भी वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौतियों से भरा क्षेत्र बन सकता है।
भारत–पाकिस्तान और पाकिस्तान–अफगानिस्तान संबंधों में किसी भी सैन्य तनाव का सीधा असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल भी प्रभावित हो सकता है।









