
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज छठा दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी संसद ने एक अहम फैसला लेते हुए राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई जारी रखने की अप्रत्यक्ष मंजूरी दे दी है।
US Congress में प्रस्ताव गिरा, ट्रम्प को मिली सैन्य कार्रवाई जारी रखने की छूट
अमेरिकी संसद United States Congress ने बुधवार को एक ऐसा प्रस्ताव खारिज कर दिया, जिसका मकसद राष्ट्रपति Donald Trump को ईरान के खिलाफ आगे सैन्य कार्रवाई करने से रोकना था।
मतदान में प्रस्ताव के समर्थन में 47 वोट पड़े जबकि 53 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव पास नहीं हो सका।
इस फैसले का मतलब यह है कि अब ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को बिना किसी नए संसदीय प्रतिबंध के जारी रख सकता है।
मतदान के दौरान पेंसिल्वेनिया के डेमोक्रेट सीनेटर John Fetterman ने रिपब्लिकन के साथ खड़े होकर प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, जबकि केंटकी के रिपब्लिकन सीनेटर Rand Paul प्रस्ताव के समर्थन में वोट देने वाले अपनी पार्टी के अकेले सदस्य रहे।
ईरान में अब तक 5000 से ज्यादा बम, 1000 से अधिक लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Al Jazeera ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान में 5000 से ज्यादा बम गिराए हैं। इन हमलों में 20 ईरानी युद्धपोतों को भी डुबो दिया गया है और अब तक 1,045 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके जवाब में ईरान ने भी मिडिल ईस्ट के 9 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने डुबोया
इस युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम हिंद महासागर में देखने को मिला। अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को श्रीलंका के पास निशाना बनाकर डुबो दिया। यह हमला श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील दूर हुआ। श्रीलंकाई सरकार के मुताबिक जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे।
हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 32 घायल सैनिकों को Sri Lanka Navy ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth के अनुसार हिंद महासागर में तैनात अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला कर इस युद्धपोत को डुबोया। यह जहाज पिछले महीने भारत के International Fleet Review 2026 में शामिल होने के बाद लौट रहा था, जिसका आयोजन Visakhapatnam में हुआ था।
ईरान की चेतावनी–डिमोना न्यूक्लियर सेंटर हो सकता है निशाना
ईरान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई तो इजराइल के Dimona Nuclear Research Center को निशाना बनाया जा सकता है। यह परमाणु केंद्र दक्षिणी इजराइल में स्थित है और देश के सबसे संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों में से एक माना जाता है।
तेहरान में लगातार बमबारी, कई इलाके तबाह
अमेरिका और इजराइल ने बुधवार रात Tehran में कई जगहों पर हवाई हमले किए।
ईरानी सरकारी चैनल Press TV द्वारा जारी वीडियो में कई इमारतें पूरी तरह मलबे में तब्दील होती दिखाई दीं।
ईरान के ऊर्जा मंत्री Abbas Aliabadi ने बताया कि हमलों की वजह से देश के कई हिस्सों में बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हो गई है।
ईरान में 100 घंटे से इंटरनेट बंद
इंटरनेट मॉनिटरिंग संगठन NetBlocks के अनुसार ईरान में पिछले करीब 100 घंटे से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है।
रिपोर्ट के मुताबिक देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के केवल 1% तक रह गई है।
इससे पहले भी जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने इंटरनेट बंद किया था, जिससे अर्थव्यवस्था को करीब 3.7 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था।
ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें
ईरान ने बुधवार रात इजराइल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
इसके बाद Jerusalem और मध्य इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजने लगे और लोगों को मोबाइल अलर्ट भेजे गए।
सऊदी और UAE पर ड्रोन और मिसाइल हमले
मिडिल ईस्ट के कई देशों में भी इस युद्ध का असर देखने को मिल रहा है।
Saudi Arabia ने बताया कि उसने अपने उत्तरी क्षेत्र अल-जौफ के पास एक ड्रोन मार गिराया है।
वहीं United Arab Emirates ने दावा किया है कि अब तक उस पर 189 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। इनमें से 175 को इंटरसेप्ट कर लिया गया जबकि 13 समुद्र में गिरीं और एक मिसाइल देश के भीतर गिरी।
इसके अलावा 129 ड्रोन का पता लगाया गया, जिनमें से 121 को मार गिराया गया।
खामेनेई की मौत के बाद शोक समारोह टाला
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद होने वाला शोक समारोह फिलहाल टाल दिया गया है।
पहले योजना थी कि Imam Khomeini Mosalla में तीन दिन तक लोगों को उनके पार्थिव शरीर के दर्शन कराए जाएंगे, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया।
हमास नेता और उनकी पत्नी की भी मौत
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार Waseem Atallah al‑Ali नाम के हमास नेता और उनकी पत्नी की मौत इजराइली ड्रोन हमले में हो गई। यह हमला Beddawi Camp नाम के फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप में हुआ।
मिडिल ईस्ट में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कई देश अपने नागरिकों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक 17,500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
वहीं Qatar Airways ने मस्कट और रियाद से विशेष राहत उड़ानें चलाने का फैसला किया है, ताकि फंसे यात्रियों को निकाला जा सके।
UAE में स्कूल और यूनिवर्सिटी की छुट्टियां
युद्ध के कारण United Arab Emirates सरकार ने स्कूलों और यूनिवर्सिटीज में स्प्रिंग ब्रेक जल्दी घोषित कर दिया है।
अब छुट्टियां 9 मार्च से 22 मार्च तक रहेंगी और 23 मार्च से दोबारा क्लासेस शुरू होंगी।
अमेरिका ने ‘डूम्सडे मिसाइल’ का टेस्ट किया
इस बीच अमेरिका ने LGM‑30 Minuteman III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है।
इसे अक्सर “डूम्सडे मिसाइल” भी कहा जाता है क्योंकि यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
यह मिसाइल करीब 13,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और इसमें तीन अलग-अलग परमाणु वारहेड्स लगाए जा सकते हैं।
क्या जंग खत्म करने की कोशिश भी हो रही है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने गुप्त रूप से अमेरिका को बातचीत का प्रस्ताव भेजा है।
अमेरिकी अखबार The New York Times के अनुसार ईरान की खुफिया एजेंसी ने Central Intelligence Agency के जरिए अप्रत्यक्ष संपर्क कर युद्ध समाप्त करने पर बातचीत की संभावना जताई है।
हालांकि फिलहाल वॉशिंगटन इस पहल को गंभीरता से नहीं ले रहा।
निष्कर्ष
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा यह युद्ध अब पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी संसद के फैसले के बाद सैन्य कार्रवाई और तेज होने की आशंका है, जबकि ईरान की ओर से परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की चेतावनी ने वैश्विक चिंता और बढ़ा दी है।









