
देशभर में General Category students और Savarna community के लोगों ने University Grants Commission (UGC) के नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालात को देखते हुए UGC Headquarters, Delhi के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए heavy barricading की गई है।
UP के कई शहरों में Protest
उत्तर प्रदेश के Lucknow, Rae Bareli, Varanasi, Meerut, Prayagraj और Sitapur समेत कई जिलों में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।
- Rae Bareli में BJP किसान नेता Ramesh Bahadur Singh और Gau Raksha Dal अध्यक्ष Mahendra Pandey ने विरोध के तौर पर Savarna MPs को चूड़ियां भेजीं।
- Lucknow University के छात्रों ने कैंपस के बाहर नारेबाजी करते हुए नए नियमों को वापस लेने की मांग की।
Bareilly City Magistrate ने दिया इस्तीफा
UGC के नए नियमों के विरोध में Bareilly के City Magistrate Alankar Agnihotri ने अपने पद से resignation दे दिया। इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
Kumar Vishwas का तंज
कवि Kumar Vishwas ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर UGC नियमों को लेकर तीखा तंज कसा। उन्होंने लिखा:
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं…
मेरा रोंया-रोंया उखाड़ लो राजा।”
उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
UGC New Rules 2026 पर विवाद क्यों?
UGC ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम नोटिफाई किए थे, जिनका नाम है —
‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026’
इन नियमों के तहत:
कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में caste-based discrimination रोकने के लिए
- Special Committees
- Helpline Numbers
- Monitoring Teams
बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
ये टीमें मुख्य रूप से SC, ST और OBC students की शिकायतों पर नजर रखेंगी।
सरकार का कहना है कि ये नियम fairness और accountability बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन General Category students का आरोप है कि इससे उन्हें “default accused” बना दिया गया है।
Protest करने वालों की दलील
- नियमों में discrimination की परिभाषा एकतरफा बताई जा रही है
- Savarna students के खिलाफ false complaints का खतरा
- Campus में anarchy और misuse बढ़ने की आशंका
UGC New Rules में किए गए 3 बड़े बदलाव
जातीय भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा
अब caste, religion, race, gender, place of birth और disability के आधार पर होने वाला कोई भी पक्षपात, जो पढ़ाई या मानव गरिमा के खिलाफ हो, caste discrimination माना जाएगा।
OBC को भी शामिल किया गया
पहले ड्राफ्ट में केवल SC/ST थे, लेकिन final rules में OBC students को भी शामिल कर लिया गया।
झूठी शिकायत पर सजा का प्रावधान हटाया गया
Draft rules में false या malicious complaint पर:
- Fine
- Suspension
का प्रावधान था, लेकिन final notification में इसे पूरी तरह हटा दिया गया, जिससे विरोध और तेज हो गया।
Supreme Court में याचिका दाखिल
UGC के नए नियमों को चुनौती देते हुए Supreme Court में याचिका दायर की गई है।
- याचिका Advocate Vineet Jindal ने दाखिल की
- आरोप: General Category के fundamental rights का उल्लंघन
- मांग:
- Regulation 3(c) पर रोक
- सभी जातियों पर uniform application सुनिश्चित की जाए
Central Minister Dharmendra Pradhan का बयान
केंद्रीय मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा,
“इन नियमों का गलत इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।
किसी भी वर्ग के साथ अत्याचार या भेदभाव नहीं होगा।”
कौन सी घटनाओं के बाद नियम बनाने की नौबत आई
- 2016: Hyderabad Central University के छात्र Rohith Vemula की आत्महत्या
- 2019: महाराष्ट्र में डॉक्टर Payal Tadvi की आत्महत्या
दोनों मामलों में जातीय उत्पीड़न के आरोप लगे।
इसके बाद:
- 2019 में Supreme Court में याचिका
- जनवरी 2025 में कोर्ट का निर्देश
- 13 जनवरी 2026 को नए नियम लागू
Protest जारी, 1 फरवरी को Bharat Bandh का ऐलान
UP के Amethi समेत कई जिलों में संगठनों ने 1 February Bharat Bandh की घोषणा की है।
वाराणसी, संभल, सोनभद्र और आगरा में भी प्रदर्शन तेज हैं। आगरा में एक BJP नेता ने खून से पत्र लिखकर PM को भेजा।









