
अगर आपने हाल ही में “tejas fighter jet crash” सर्च किया है, तो सबसे पहले आपके मन में यही सवाल आएगा — क्या यह मिड-एयर ब्लास्ट था या टेक्निकल फेलियर? लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा हवा में नहीं बल्कि रनवे ऑपरेशन के दौरान टेकऑफ फेज में हुआ, जिसने भारतीय वायुसेना के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
22 फरवरी 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय वायुसेना का स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट HAL Tejas एक प्रशिक्षण मिशन के दौरान टेकऑफ करते समय रनवे से फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में पायलट सुरक्षित बच गए, हालांकि विमान को भारी क्षति पहुंची है।
कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों के अनुसार:
- विमान टेकऑफ स्पीड पर था
- स्पीड लगभग 170 किमी/घंटा से अधिक बताई जा रही है
- इसी दौरान विमान अचानक रनवे से बाहर निकल गया
- जेट पास के मिट्टी वाले क्षेत्र (mud-ditch) में जा घुसा
- पायलट को चोटें आईं लेकिन जान बच गई
तकनीकी खराबी या ब्रेक फेलियर?
प्रारंभिक जांच में तकनीकी गड़बड़ी या संभावित ब्रेक फेलियर की आशंका जताई गई है, जिसकी वजह से विमान रनवे पर नियंत्रण खो बैठा। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह घटना लैंडिंग रन के दौरान ऑनबोर्ड सिस्टम फेलियर के कारण भी हो सकती है।
इस घटना के बाद:
- पूरे तेजस फ्लीट की टेक्निकल जांच शुरू कर दी गई है
- कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश जारी किया गया है
- ऑपरेशनल सेफ्टी प्रोटोकॉल की समीक्षा हो रही है
क्या पड़ेगा रक्षा तैयारियों पर असर?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की रनवे-फेज दुर्घटनाएं आमतौर पर सिस्टम या कंट्रोल मॉड्यूल से जुड़ी होती हैं। हालांकि यह हादसा भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण नीति के लिए एक बड़ा टेस्ट माना जा रहा है, लेकिन दीर्घकालिक तौर पर इससे सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।









