
आईसीसी टूर्नामेंट के सुपर-8 चरण में जहां भारतीय फैंस को एक दमदार शुरुआत की उम्मीद थी, वहीं टीम इंडिया का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। भारत का सुपर-8 राउंड का खराब आगाज, दक्षिण अफ्रीका ने 76 रनों से थमाई हार — यह सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं बल्कि सेमीफाइनल की राह में खड़े हो चुके बड़े खतरे का संकेत भी है।
मैच की शुरुआत से ही दबाव में नजर आई भारतीय टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में संघर्ष करती दिखी। दूसरी ओर, South Africa national cricket team ने संतुलित प्रदर्शन करते हुए पहले बल्लेबाजी में मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर भारत को लक्ष्य से काफी दूर रोक दिया।
कहां हुई टीम इंडिया से बड़ी चूक?
भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी टॉप ऑर्डर की नाकामी रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के कारण मिडिल ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव आ गया। पावरप्ले में रन गति धीमी रहने के चलते रन रेट लगातार बढ़ता चला गया, जिससे अंत में बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने पड़े।
गेंदबाजी में भी डेथ ओवर्स के दौरान रन लुटाना टीम के लिए महंगा साबित हुआ। विपक्षी बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़कर मैच को भारत की पहुंच से दूर कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका की रणनीति रही सटीक
मैच में Kagiso Rabada और Anrich Nortje की तेज गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। दोनों गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर रन चेज़ को मुश्किल बना दिया।
सेमीफाइनल की राह अब कितनी कठिन?
इस हार के बाद सुपर-8 में भारत की स्थिति थोड़ी नाजुक हो गई है। अब आगे आने वाले मुकाबलों में टीम को न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी बल्कि नेट रन रेट पर भी खास ध्यान देना होगा। एक और हार टीम के सेमीफाइनल के सपनों को बड़ा झटका दे सकती है।









