
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। सेंसेक्स निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स भारी दबाव में रहे। सेंसेक्स 2497 अंक (3.26%) गिरकर 74,207 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 776 अंक (3.26%) की गिरावट दर्ज की गई, यह 23,002 से नीचे आ गया है। इससे पहले 4 जून 2024 को सेंसेक्स में इतनी गिरावट देखी गई थी जब सेंसेक्स 5.74% गिरा था।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
आज की गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं:
- वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर
- विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
- बैंकिंग सेक्टर में भारी दबाव
- ऑटो सेक्टर में मुनाफावसूली
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार की धारणा को कमजोर किया।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में देखने को मिला।
- बड़े बैंकिंग शेयरों में तेज गिरावट
- ऑटो कंपनियों के स्टॉक्स में भी भारी बिकवाली
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए तेजी से शेयरों की बिक्री की, जिससे बाजार और नीचे चला गया।
निवेशकों को कितना नुकसान?
इस बड़ी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है। मार्केट कैपिटलाइजेशन में लाखों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे रिटेल निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
क्या आगे और गिर सकता है बाजार?
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
- अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही तो दबाव बना रहेगा
- वैश्विक संकेतों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी
- निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार के इस उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञ निवेशकों को घबराने के बजाय रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दे रहे हैं:
- लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें
- घबराकर जल्दबाजी में फैसले न लें
- मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भरोसा रखें









