
Spain joins the Indo-Pacific Oceans Initiative, भारत के लिए Diplomacy और Maritime Security के मोर्चे पर एक बड़ी और अहम सफलता सामने आई है। Spain अब आधिकारिक तौर पर Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI) में शामिल हो गया है। इस संबंध में स्पेन के विदेश मंत्री Jose Manuel Albares ने भारत के विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar को Declaration of Accession सौंपा।
भारत सरकार ने स्पेन के इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे India–Spain Relations में एक अहम Milestone बताया है और कहा है कि इससे दोनों देशों के रिश्ते अब Strategic Partnership की दिशा में और मजबूत होंगे। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह Free, Open and Inclusive Indo-Pacific के लक्ष्य को लेकर IPOI के तहत स्पेन के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
IPOI क्या है? What is Indo-Pacific Oceans Initiative
Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI) भारत की एक प्रमुख Maritime Cooperation Initiative है, जिसकी शुरुआत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग और स्थिरता बढ़ाने के लिए की गई थी।
IPOI के तहत 7 Key Pillars शामिल हैं, जिनमें—
- Maritime Security
- Trade & Connectivity
- Marine Ecology & Environment Protection
- Disaster Response & HADR
- Capacity Building
- Resource Sharing
- Science & Technology Cooperation
शामिल हैं।
India as Preferred Security Partner
आज भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में कई देश “Preferred Security Partner” के रूप में देखते हैं। भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने पिछले कुछ वर्षों में Anti-Piracy Operations, Maritime Surveillance और Humanitarian Assistance & Disaster Relief (HADR) में बेहद प्रभावशाली भूमिका निभाई है।
वर्तमान में IPOI के साथ 25 से अधिक देश जुड़ चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की Strategic Dominance और Leadership Role लगातार मजबूत हो रही है। स्पेन के जुड़ने से यह स्थिति और सशक्त हुई है।
Indian Ocean Security को मिलेगा बड़ा फायदा
स्पेन के पास Atlantic Region में मजबूत नौसैनिक अनुभव है, जो अब Indian Ocean Region (IOR) में भी साझा किया जाएगा। इससे—
- Maritime Piracy पर और प्रभावी रोक
- Sea Patrol और Surveillance में इज़ाफा
- Global Trade Routes की सुरक्षा
को मजबूती मिलेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के वर्षों में समुद्री डकैती की घटनाओं में लगभग 80% तक कमी आई है, और IPOI सहयोग से यह और घट सकती है।
Strategic Chokepoints की सुरक्षा होगी मजबूत
हिंद महासागर के कई Critical Chokepoints जैसे—
- Strait of Hormuz
- Bab-el-Mandeb
दुनिया के ऊर्जा और व्यापार के लिए बेहद अहम हैं। स्पेन के IPOI में शामिल होने से इन समुद्री मार्गों की Security Architecture र ज्यादा मजबूत होगी।
Training, Technology और Defence Cooperation
भारत और स्पेन के बीच अब कई नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावनाएं हैं, जैसे—
- Anti-Submarine Warfare (ASW)
- EEZ Surveillance
- Defence Technology & Joint Exercises
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग Airbus-Tata C-295 जैसी Defence Partnerships को और आगे ले जा सकता है।
Disaster Relief में भारत की Global Imag
जब भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आती है, भारतीय नौसेना सबसे पहले Rapid Response देती है। स्पेन का IPOI में शामिल होना इस बात का संकेत है कि दुनिया भारत को एक Responsible, Reliable और Leading Maritime Power के रूप में देख रही है।
निष्कर्ष (Conclusion):
स्पेन का Indo-Pacific Oceans Initiative में शामिल होना भारत के लिए एक बड़ी Strategic Achievement है। इससे न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होगी, बल्कि Maritime Security, Trade Route Protection और Disaster Relief Cooperation को भी नई गति मिलेगी।









