
जिस दीये को, तूफां में जलना होगा
उसे, संभल-संभल के चलना होगा
I am okay
ये शब्द किसी शायर ने कहे बल्कि ये शब्द हैं कांग्रेस सांसद शशि थरूर के है । शशि थरूर ने यह शब्द कब और क्यों कहे इसके पीछे की एक कहानी है । बात बुधवार की है जब शशि थरूर संसद से बाहर आते हुए जब सीढ़ियों से उतर रहे थे तो वह फोन पर किसी से बात करे थे तो अचानक उनका बैलेंस बिगड़ गया और सीढ़ियों से स्लिप होकर गिर गए । तुरंत पास ही खड़े सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें सभाला। अखिलेश यादव के पास में ही कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी खड़े थे ने भी शशि थरूर की मदद को दौड़े । इस घटना के बाद आज शशि थरूर ने खुद अपना वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।
शशि थरूर ने कल की घटना के लिए अखिलेश और इमरान मसूद को धन्यवाद किया कि उन्होंने मेरी सीढ़ियों से उतरने में मदद की । उन्होंने कहा की संसद की सीढ़ियों से उतरते समय एक सीढ़ी छूट जाने से मैं थोड़ा लड़खड़ा गया। अभी भी थोड़ा दर्द है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कुछ टूटा है, बस टखने में मोच आ गई है और उंगलियों के जोड़ों में हल्की चोट आई है। उम्मीद है, दो-तीन दिनों में ठीक हो जाऊँगा। शाम 4 से 7:30 बजे तक मैंने अपने घर के दफ्तर में कई बैठकें कीं (जिनमें दो राजदूतों की बैठकें भी शामिल थीं), और मेरा पैर एक स्टूल पर टिका हुआ था। कल एक्स-रे करवाकर पुष्टि करूँगा कि कोई फ्रैक्चर तो नहीं है। बस कुछ जगहों पर दर्द है, साथ ही मेरे अहंकार को भी ठेस पहुंची है!










