
Ruckus in Parliament: Question Hour disrupted in Lok Sabha, बजट सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में भारी हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और पोस्टर-प्लेकार्ड लेकर वेल में पहुंच गए। लगातार विरोध के बीच स्पीकर की चेतावनी के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके चलते चेयर पर मौजूद केपी तेन्नेटी ने करीब 7 मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहां उनके पहुंचने पर सांसदों द्वारा नारे लगाए गए।
राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन
इस बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है। दुबे ने राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। सब्सटेंसिव मोशन एक स्वतंत्र प्रस्ताव होता है, जिस पर सदन सीधे चर्चा कर सकता है और फैसला ले सकता है। इसमें किसी मुद्दे पर सदन की स्पष्ट राय या निर्णय दर्ज किया जाता है। इस पर बहस और मतदान हो सकता है और पारित होने पर यह सदन की आधिकारिक राय बन जाती है।
राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव भी ला सकती है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने की बात कही है।
क्या होता है विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के जरिए संसद या विधानसभा का कोई सदस्य सदन के विशेषाधिकारों के उल्लंघन का मामला उठा सकता है। संविधान के अनुच्छेद 105 में सांसदों के विशेषाधिकारों का उल्लेख है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। इन अधिकारों में सदन में बोलने की स्वतंत्रता, दिए गए बयान पर अदालत में मुकदमा न चलना और सही जानकारी पाने का अधिकार शामिल है। यदि इन अधिकारों का उल्लंघन होता है तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है।
इस प्रक्रिया में संबंधित सदस्य अध्यक्ष को नोटिस देता है। स्पीकर मामले की गंभीरता तय करते हैं और अनुमति मिलने पर इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जाता है। जांच के बाद समिति रिपोर्ट देती है और सदन कार्रवाई तय करता है। दोषी पाए जाने पर सदस्य को चेतावनी, फटकार, निलंबन या दुर्लभ मामलों में हिरासत तक हो सकती है।
स्पीकर के चैंबर में हंगामे पर विवाद
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें 4 फरवरी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में हुए कथित हंगामे का जिक्र किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों ने प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गाली-गलौज की।
हालांकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी को उकसाया नहीं और वे शांतिपूर्वक बैठी थीं। उन्होंने कहा कि गाली देने का आरोप पूरी तरह झूठा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना संसदीय अधिकार है। वहीं बीजेपी सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी सदन की कार्यवाही में बाधा डालते हैं और बिना सोचे-समझे बयान देते हैं। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस पर 2013 में देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।
संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन
लोकसभा में हंगामे के साथ-साथ संसद परिसर के बाहर भी विपक्ष ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने सरकार से इस समझौते को वापस लेने की मांग की। बजट सत्र के दौरान संसद में जारी हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से माहौल गर्म है। राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन और संभावित विशेषाधिकार प्रस्ताव ने विवाद को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर बहस और राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।









