
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान विपक्षी नेताओं को पीछे की सीट दिए जाने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जानबूझकर पीछे बैठाकर विपक्ष का अपमान किया गया।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर साल 2014 की एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष लाल कृष्ण आडवाणी गणतंत्र दिवस परेड के दौरान फ्रंट रो में बैठे नजर आ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि पहले प्रोटोकॉल का सम्मान किया जाता था, लेकिन अब उसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस के दो सांसदों ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद विवेक तंखा और माणिक्कम टैगोर ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को पीछे सीट दिए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने 2014 की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि जब लाल कृष्ण आडवाणी नेता प्रतिपक्ष थे, तब उन्हें अग्रिम पंक्ति में बैठाया गया था। ऐसे में अब विपक्षी नेताओं को पीछे बैठाना क्या उनकी बेइज्जती नहीं है?
प्रोटोकॉल में बदलाव क्यों?
कांग्रेस नेता माणिक्कम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह 2014 का दृश्य है—देखिए एलके आडवाणी जी कहां बैठे थे। अब अचानक प्रोटोकॉल में यह बदलाव क्यों?”
उन्होंने सवाल किया कि क्या यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह, खरगे जी और राहुल गांधी का अपमान कर सकें?
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ भी है।








