
CIC-CVC appointments, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक चीफ इंफॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और CVC (सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर) सहित अन्य नियुक्तियों (CIC-CVC appointments) को लेकर हुई। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने बैठक में सरकार द्वारा चयन समिति में रखे गए नामों पर असहमति जताई और डिसेंट नोट दिया।
CIC-CVC appointments, राहुल गांधी सहमत नहीं
बैठक का मुख्य एजेंडा CIC-CVC और आठ अन्य इंफॉर्मेशन कमिश्नरों की नियुक्ति था। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह सरकार द्वारा सुझाए गए नामों से सहमत नहीं हैं और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। बैठक के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि जनता अब तीन बहुत जरूरी और सीधे सवाल पूछ रही है
प्रधान न्यायाधीश को चुनाव आयोग से संबंधित चयन समिति से क्यों हटाया गया?
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भाजपा चुनाव आयोग को वोट चोरी का हथियार बना रही है,
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग को वोट चोरी का हथियार बना रही है। उन्होंने कहा कि 2023 में बनाए गए चुनाव कानून में सुधार की जरूरत है क्योंकि यह चुनाव आयुक्तों को अत्यधिक शक्ति देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी, तो इस कानून में पूर्वव्यापी संशोधन किया जाएगा। CIC-CVC appointments
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा-शर्तें और कार्यकाल तय करने वाले 2023 के अधिनियम के तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं, लेकिन प्रधान न्यायाधीश को बाहर रखा गया है।
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