
Power fame and sex scandals Epstein Files अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों की जांच से संबंधित करीब तीन लाख दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं। ये फाइलें शुक्रवार देर रात भारतीय समय के अनुसार लगभग ढाई बजे जारी की गईं। इस खुलासे के बाद अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। वर्षों से यह मांग उठती रही थी कि एपस्टीन के साथ जुड़े प्रभावशाली लोगों के नाम और सबूत सामने लाए जाएं।
5 डेटा सेट, 3,500 फाइलें और 2.5GB का डेटा
जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से कुल पांच डेटा सेट जारी किए गए हैं, जिनमें 3,500 से ज्यादा डिजिटल फाइलें शामिल हैं। इनका कुल साइज 2.5 जीबी से अधिक बताया गया है। इन फाइलों में हजारों तस्वीरें, ईमेल, लेटर, नोट्स, फ्लाइट लॉग, कॉन्टैक्ट बुक और मसाज देने वाली लड़कियों की लिस्ट शामिल है। हालांकि इन सूचियों में दर्ज नामों को सुरक्षा कारणों से ब्लैक कर दिया गया है।
दुनिया की ताकतवर हस्तियां फिर चर्चा में
इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की तस्वीरें और नाम फिर चर्चा में आ गए हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्रयू, पॉप सिंगर माइकल जैक्सन, हॉलीवुड अभिनेता क्रिस टकर, केविन स्पेसी, अरबपति बिल गेट्स और ब्रिटिश नेता पीटर मैंडेलसन शामिल हैं।
तस्वीर में दिखना अपराध नहीं, लेकिन सवाल जरूर
अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी तस्वीर या दस्तावेज में किसी व्यक्ति का दिखना यह साबित नहीं करता कि वह किसी अपराध में शामिल था। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी ने इस पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
क्लिंटन की पूल पार्टी तस्वीरों पर सियासी घमासान
सबसे ज्यादा विवाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी तस्वीरों को लेकर हुआ है। कुछ तस्वीरों में क्लिंटन लड़कियों के साथ पूल पार्टी और निजी माहौल में नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के सामने आते ही अमेरिकी राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई।
क्लिंटन का पक्ष: अपराधों की जानकारी नहीं थी
क्लिंटन के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि बिल क्लिंटन को एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने बहुत पहले ही एपस्टीन से अपने संबंध खत्म कर लिए थे। प्रवक्ता के अनुसार, पुराने और धुंधले फोटो जारी करना सच्चाई को बदल नहीं सकता।
एपस्टीन का विला और छिपे कैमरों का खौफनाक सच
जारी की गई तस्वीरों में जेफ्री एपस्टीन के आलीशान विला के अंदर की तस्वीरें भी शामिल हैं। इन तस्वीरों में बेडरूम, मसाज रूम और अन्य निजी कमरों में छिपे कैमरे साफ दिखाई देते हैं। आरोप है कि इन कैमरों के जरिए नाबालिग लड़कियों की रिकॉर्डिंग की जाती थी।
नाबालिग लड़कियों के साथ एपस्टीन की तस्वीरें
कुछ तस्वीरों में एपस्टीन नाबालिग लड़कियों के साथ जमीन पर बैठा हुआ दिखाई देता है। चार लड़कियां हाथ जोड़कर बैठी नजर आती हैं। पीड़ितों का कहना है कि ऐसी तस्वीरें इस बात का सबूत हैं कि शोषण एक संगठित तरीके से किया गया।
पीड़ितों का आरोप: असली नाम अब भी छिपाए गए
पीड़ितों का कहना है कि सिर्फ तस्वीरें जारी करना काफी नहीं है। असली सवाल यह है कि इतने बड़े नेटवर्क में शामिल ताकतवर लोगों के नाम अब भी सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए हैं।
‘जानबूझकर भारी बनाई गई फाइलें’ – पीड़ितों का आरोप
एपस्टीन की शुरुआती पीड़ितों में शामिल जेस माइकल्स ने आरोप लगाया कि जारी की गई फाइलें जानबूझकर इतनी भारी और अव्यवस्थित रखी गई हैं कि आम लोग उन्हें आसानी से सर्च नहीं कर सकें। एक अन्य पीड़िता मारीजके चार्टौनी ने कहा कि जरूरत से ज्यादा एडिटिंग ने पारदर्शिता खत्म कर दी है।
ट्रम्प का नाम भी दस्तावेजों में, लेकिन आरोप नहीं
इन फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम भी एक सिविल मुकदमे में सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया कि किशोरावस्था में उसे फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट ले जाया गया था। हालांकि दस्तावेजों में यह स्पष्ट किया गया है कि ट्रम्प पर किसी भी तरह का आपराधिक आरोप नहीं है।
कानून क्या कहता है और सरकार क्या छिपा सकती है
फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, कानून में यह साफ कहा गया है कि सिर्फ शर्मिंदगी या राजनीतिक संवेदनशीलता के आधार पर दस्तावेज नहीं रोके जा सकते। हालांकि पीड़ितों की पहचान, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री, ग्राफिक कंटेंट, चल रही जांच और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कारणों से कुछ हिस्से छिपाए जा सकते हैं।
1,200 से ज्यादा पीड़ितों की पहचान
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने बताया कि अब तक 1,200 से ज्यादा पीड़ितों या उनके परिवारों की पहचान की जा चुकी है। इन सभी नामों को उनकी सुरक्षा के लिए रेडैक्ट किया गया है। 200 से ज्यादा वकील इन फाइलों की जांच में लगे हुए हैं।
फाइल रिलीज के बाद DOJ की वेबसाइट डाउन
जैसे ही ये फाइलें सार्वजनिक हुईं, भारी संख्या में लोग जस्टिस डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर पहुंच गए। अत्यधिक ट्रैफिक के कारण वेबसाइट बार-बार डाउन हो गई और कई यूजर्स फाइलें नहीं देख पाए।
Epstein Files: ऐतिहासिक लेकिन अधूरी सच्चाई
कुल मिलाकर, जेफ्री एपस्टीन फाइल्स की यह रिलीज ऐतिहासिक जरूर है, लेकिन पीड़ितों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह अब भी अधूरी है। उनका आरोप है कि बड़े और ताकतवर लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है और एपस्टीन के पूरे नेटवर्क की सच्चाई अभी सामने आना बाकी है।









