
Jeffrey Epstein Files Bombshell, अमेरिका में एक बार फिर Jeffrey Epstein केस को लेकर बड़ा धमाका होने वाला है। ट्रम्प प्रशासन 19 दिसंबर को इस कुख्यात यौन अपराधी से जुड़े दशकों पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर सकता है। इन फाइलों में ईमेल, तस्वीरें, फ्लाइट लॉग और गोपनीय दस्तावेज शामिल होंगे, जिनका मकसद Epstein Network की पूरी सच्चाई सामने लाना है।
Jeffrey Epstein Files Bombshell, पूरी दुनिया में हलचल क्यों ?
Epstein Files में नाबालिग लड़कियों के शोषण और दुनिया की सबसे ताकतवर हस्तियों से जुड़े कनेक्शन सामने आने की आशंका है। इससे पहले 12 दिसंबर को 19 तस्वीरें सार्वजनिक की गई थीं, जिनमें Donald Trump, Bill Clinton और Bill Gates जैसी बड़ी हस्तियों को Jeffrey Epstein के साथ देखा गया। ये तस्वीरें किसी को दोषी साबित नहीं करतीं, लेकिन सवाल जरूर खड़े करती हैं।
दुनिया के राजनीतिक-कारोबारी गलियारों में बेचैनी और हलचल
अब जब सभी फाइलों के पब्लिक होने में केवल 2 दिन बचे हैं, तो अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है। अब तक किसी भारतीय नागरिक या नेता का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। हालांकि भारतीय नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि कुछ भारतीय मंत्री, पूर्व मंत्री या मौजूदा सांसदों के नाम सामने आ सकते हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने फिलहाल इस पर कोई पुष्टि नहीं की है।
फाइलें पब्लिक होना क्यों जरूरी था?
पिछले महीने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों ने Jeffrey Epstein से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने वाला बिल भारी बहुमत से पास किया। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में यह बिल 427-1 से पास हुआ, जबकि सीनेट ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी। यदि राष्ट्रपति ट्रम्प इस बिल पर वीटो भी करते, तब भी संसद इसे override कर सकती थी। इसी वजह से ट्रम्प को 19 नवंबर को इस पर हस्ताक्षर करने पड़े। नियम के मुताबिक DOJ को 30 दिन के भीतर सभी फाइलें सार्वजनिक करनी हैं। यह समयसीमा 18 दिसंबर को पूरी हो रही है।
कितनी फाइलें आएंगी?
इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। लेकिन न्याय विभाग खुद कह चुका है कि उसके पास Jeffrey Epstein से जुड़ा एक बहुत बड़ा आर्काइव मौजूद है। माना जा रहा है कि फाइलों की संख्या हजारों से लेकर लाखों पेज तक हो सकती है।
Epstein केस की शुरुआत कैसे हुई ?
साल 2005 में फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि उसकी बेटी को Jeffrey Epstein के आलीशान घर में ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया और वहां यौन शोषण का दबाव बनाया गया। जांच में सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं था। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियां सामने आईं, जिन्होंने ऐसे ही आरोप लगाए। Jeffrey Epstein के मैनहैटन और पाम बीच के आलीशान घरों में हाई-प्रोफाइल पार्टियां होती थीं, जिनमें बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं।
‘Lolita Express’ और गिस्लेन मैक्सवेल
Jeffrey Epstein अपने प्राइवेट जेट “Lolita Express” से नाबालिग लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर ले जाता था। पैसों, गहनों और धमकियों के जरिए उन्हें मजबूर किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में उसकी पार्टनर Ghislaine Maxwell की अहम भूमिका थी।
2008 में सजा, लेकिन इंसाफ अधूरा
इतने गंभीर आरोपों के बावजूद 2008 में एपस्टीन को सिर्फ 13 महीने की सजा दी गई, जिसमें उसे जेल से बाहर जाकर काम करने की भी अनुमति थी। इस हल्की सजा ने अमेरिकी न्याय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
MeToo मूवमेंट और फिर उभरा मामला
MeToo Movement के दौरान पीड़िता Virginia Giuffre ने आरोप लगाया कि 16 साल की उम्र में उसे Jeffrey Epstein और Ghislaine Maxwell ने शोषण के जाल में फंसाया। उसका दावा था कि उसे दुनिया भर में भेजा गया और ताकतवर लोगों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। उसने ब्रिटेन के Prince Andrew पर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि उसने यह नहीं कहा कि ट्रम्प ने उसका शोषण किया, लेकिन Mar-a-Lago क्लब को उसकी “भर्ती” की जगह बताया।
गिरफ्तारी और रहस्यमयी मौत
6 जुलाई 2019 को Jeffrey Epstein को दोबारा गिरफ्तार किया गया। 10 अगस्त 2019 को वह न्यूयॉर्क की हाई-सिक्योरिटी जेल में मृत पाया गया। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन टूटी हुई गर्दन के हड्डी, खराब कैमरे और गायब फुटेज ने साजिश की आशंका को जन्म दिया।
ट्रम्प और एपस्टीन का रिश्ता
1990 के दशक में Trump और Jeffrey Epstein के बीच दोस्ती थी। 2002 में दिए गए एक बयान में ट्रम्प ने एपस्टीन को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जो बाद में उनके लिए मुसीबत बन गई। हालांकि 2004 में एक रियल एस्टेट डील को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और ट्रम्प ने दावा किया कि उसके बाद उन्होंने एपस्टीन से दूरी बना ली।
निष्कर्ष
अब जब Epstein Files के पूरी तरह सार्वजनिक होने का समय आ गया है, सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या सच सामने आएगा या ताकत एक बार फिर बच निकलेगी?









