
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और इसके बाद पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र और बिहार की NDA सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि यह पूरा घटनाक्रम सिस्टम की गहरी सड़ांध और सत्ता के संरक्षण मॉडल को उजागर करता है।
मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights)
- पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर सियासी घमासान
- न्याय की मांग उठाने पर सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी
- राहुल गांधी बोले – “यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है”
- तबीयत बिगड़ने पर पप्पू यादव IGIMS शिफ्ट
- प्रियंका गांधी ने की पप्पू यादव से बातचीत
- 1995 के पुराने केस में गिरफ्तारी का दावा
राहुल गांधी का NDA सरकार पर सीधा आरोप
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि
“पटना में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही भाजपा-NDA मॉडल सामने आया—
केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
राहुल गांधी ने कहा कि इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर सांसद पप्पू यादव मजबूती से खड़े हुए, लेकिन बदले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा कि—
“यह गिरफ्तारी उन सभी आवाजों को डराने और दबाने की कोशिश है, जो जवाबदेही मांगती हैं।”
“यह एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करता है”
राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भयावह साजिश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहां लगातार बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने जोर देकर कहा—
“यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है।”
प्रियंका गांधी ने भी साधा सरकार पर निशाना
इस पूरे मामले पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने शनिवार सुबह पप्पू यादव से फोन पर बातचीत की और उन्हें अच्छा वकील करने की सलाह दी।
बाद में एक्स पर लिखा कि—
“पटना के हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है।”
प्रियंका ने FIR से लेकर जांच तक हर कदम को संदिग्ध बताया और सवाल उठाया कि
“यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?”
हाथरस से पटना तक महिलाओं पर अत्याचार का आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि “हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी से लेकर पटना तक—जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता के बजाय आरोपियों के साथ खड़ी नजर आती हैं।”
उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी बताया।
पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ी, IGIMS में भर्ती
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को 1995 के एक कथित जमीन विवाद केस में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें पहले PMCH और फिर इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIMS) में शिफ्ट किया गया।
1995 के केस में गिरफ्तारी का पुलिस का दावा
पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला गर्दनीबाग थाना से जुड़ा है।
यह केस IPC की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120B के तहत दर्ज था, जिसे अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, कोर्ट में ट्रायल चल रहा था और सांसद तय तारीख पर पेश नहीं हुए, इसलिए गिरफ्तारी की गई।
गिरफ्तारी के समय बोले पप्पू यादव
जब पुलिस पटना स्थित उनके आवास पर पहुंची, तो पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा—
“मैं ठीक नहीं हूं… मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या होगा।”
निष्कर्ष
NEET छात्रा की मौत से शुरू हुआ यह मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
राहुल और प्रियंका गांधी के तीखे बयानों के बाद NDA सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है, जबकि पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बदले की बहस तेज हो गई है।










