
Iran will not attack neighboring countries? President Masoud Pezeshkian makes a major statement., अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। हर दिन के साथ यह युद्ध और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ इजराइल के बड़े हवाई हमले जारी हैं, तो दूसरी तरफ ईरान की मिसाइलें भी इजराइल की ओर दागी जा रही हैं। इस बीच मध्य-पूर्व के कई देश इस संघर्ष की चपेट में आने के खतरे को लेकर चिंतित हैं।
पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर उनसे माफी भी मांगी
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान अब अपने पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए।
ईरानी मीडिया के मुताबिक यह फैसला ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने मंजूर किया है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पिछले दिनों पड़ोसी देशों पर हुए हमलों को लेकर उनसे माफी भी मांगी और कहा कि ईरान क्षेत्र में तनाव बढ़ाना नहीं चाहता।
हालांकि सवाल यह है कि क्या यह बयान सच में तनाव कम करने की कोशिश है या फिर युद्ध की रणनीति का हिस्सा?
इजराइल का बड़ा हवाई हमला
दूसरी ओर इजराइल ने दावा किया है कि उसने रातभर में ईरान पर बड़ा हमला किया।
इजराइली सेना के अनुसार इस ऑपरेशन में 80 से ज्यादा लड़ाकू विमान शामिल थे। इन विमानों ने रातभर में ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर 230 मिसाइलें दागीं।
इजराइल का कहना है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं:
- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एक सैन्य यूनिवर्सिटी
- मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम का स्टोरेज सेंटर
- बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण और भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाला अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स
इन हमलों के दौरान राजधानी तेहरान में भी कई जगह जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं।
ईरान की मिसाइलों से इजराइल में अलर्ट
इजराइल ने यह भी बताया कि आधी रात के बाद से ईरान ने कम से कम 5 बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल की ओर दागी हैं। इन हमलों के कारण लाखों इजराइली नागरिकों को रातभर बम शेल्टरों में रहना पड़ा। इजराइली विश्लेषकों का कहना है कि ईरान अलग-अलग समय पर मिसाइलें दागकर लोगों को लंबे समय तक शेल्टर में रहने के लिए मजबूर करना चाहता है ताकि सरकार पर दबाव बढ़े।
इजराइल का दावा है कि युद्ध के पहले सप्ताह में उसे उम्मीद थी कि ईरान करीब 1000 मिसाइलें दाग सकता है, लेकिन अब तक लगभग 200 मिसाइलें ही दागी गई हैं। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि ईरान की मिसाइल क्षमता अनुमान से कमजोर हो सकती है।
तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर धमाका
इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान के प्रमुख मेहराबाद एयरपोर्ट के पास देर रात एक जोरदार धमाके की खबर सामने आई।
स्थानीय लोगों के अनुसार धमाके के बाद आसमान में आग और धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। कुछ लोगों ने दावा किया कि रनवे पर खड़े कुछ विमान आग की चपेट में आ गए। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह धमाका हमले का नतीजा था या किसी और वजह से हुआ।
सऊदी अरब भी हुआ अलर्ट
इस संघर्ष का असर अब पूरे मध्य-पूर्व में दिखाई देने लगा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने कहा है कि मिसाइल और ड्रोन हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह गलत आकलन से बचे। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार प्रिंस सुल्तान एयरबेस की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा देश के दक्षिणी हिस्से में चार ड्रोन भी मार गिराए गए।
ट्रम्प की चेतावनी
इस पूरे संघर्ष के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान भी चर्चा में है। व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना चाहिए, तभी किसी समझौते की बात हो सकती है। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि वह ईरान में नए नेता के चयन की प्रक्रिया में भी शामिल होना चाहेंगे।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईरान एक संप्रभु देश है और उसका नेता कौन होगा, यह फैसला सिर्फ ईरान की जनता करेगी।
आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह युद्ध जल्द खत्म होगा या फिर मध्य-पूर्व एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ रहा है? क्योंकि अगर सऊदी अरब, खाड़ी देश या अन्य शक्तियां सीधे इस संघर्ष में उतरती हैं, तो इसका असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।









