
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। प्रीति नगर इलाके में बुधवार सुबह एक घर में लगी भीषण आग ने 7 लोगों की जान ले ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह हादसा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ।
कैसे शुरू हुआ हादसा ?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी निकलते ही कार में आग लग गई।
कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के अंदर तक फैल गई। लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
सिलेंडर ब्लास्ट ने बढ़ाई तबाही
बताया जा रहा है कि घर में LPG गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग लगने के बाद एक-एक कर कई सिलेंडर फट गए।
इन धमाकों ने आग को और भी खतरनाक बना दिया।
धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
7 लोगों की दर्दनाक मौत
इस हादसे में 7 लोगों के जिंदा जलने की पुष्टि हुई है।
मृतकों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।
कुछ लोग आग और धुएं के बीच फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।
यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी असहाय नजर आए।
राहत और बचाव कार्य
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घने धुएं और लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच में जुटा प्रशासन
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया है।
सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस हादसे ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—
- क्या घरों में EV चार्जिंग सुरक्षित तरीके से की जा रही है?
- क्या गैस सिलेंडर का स्टोरेज सही तरीके से हो रहा है?
- क्या इलेक्ट्रिकल सिस्टम की नियमित जांच की जाती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी लापरवाही ऐसे बड़े हादसों में बदल सकती है।
निष्कर्ष
इंदौर का यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
एक छोटी-सी चूक… और उसका अंजाम इतना भयावह हो सकता है, यह घटना उसी का उदाहरण है।








