
India Ka Global Market Share Gir Raha Hai, साल 2025 में अब तक भारत का global equity market capitalization में हिस्सा 29 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। फिलहाल भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 3.47 प्रतिशत रह गई है। इससे पहले जुलाई 2023 में इतना कम शेयर दर्ज किया गया था।
जुलाई 2024 में भारत का global market share 4.64 प्रतिशत के रिकॉर्ड हाई पर था। इसके बाद लगातार गिरावट देखने को मिली। सितंबर 2024 में जब Sensex और Nifty अपने ऑल-टाइम हाई पर थे तब भारत की हिस्सेदारी 4.5 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर 2024 के अंत तक यह घटकर 4.18 प्रतिशत रह गई। 2025 में यह गिरावट और तेज हो गई है।
Indian Stock Market Dollar Terms Mein Kamzor
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 तक BSE में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल market capitalization करीब 5.19 ट्रिलियन डॉलर रहा। यह दिसंबर 2024 के अंत के 5.18 ट्रिलियन डॉलर से सिर्फ 0.5 प्रतिशत ज्यादा है।
हालांकि सितंबर 2024 में भारतीय शेयर बाजार का मार्केट कैप 5.66 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था। मौजूदा स्तर उस पीक से करीब 9 प्रतिशत नीचे है। इसका साफ मतलब है कि भारतीय शेयर बाजार डॉलर के लिहाज से कमजोर प्रदर्शन कर रहा है।
Foreign Investors Ki Heavy Selling
भारतीय बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह foreign investors की लगातार बिकवाली है। साल 2025 में अब तक foreign institutional investors ने secondary market से 2.56 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की equity बेच दी है।
बिकवाली के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं, जिनमें महंगी valuation, कमजोर corporate earnings, रुपये की कमजोरी, global market uncertainty और trade deal पर प्रगति न होना शामिल है। इन सभी कारणों से investors ka sentiment कमजोर हुआ है।
Rupee Weakness Ne Badhai Pareshani
भारतीय रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 91 के पार चला गया है और जल्द ही 92 के करीब पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कमजोर रुपया foreign investors के returns को प्रभावित करता है, जिससे वे भारतीय बाजार से दूरी बना रहे हैं।
Sensex–Nifty Theek, Par Broader Market Weak
साल 2025 में अब तक Sensex और Nifty ने करीब 9 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, लेकिन broader market की हालत कमजोर बनी हुई है।
BSE Midcap index सिर्फ 0.5 प्रतिशत ऊपर है, जबकि BSE Smallcap index करीब 9 प्रतिशत तक गिर चुका है। इसका मतलब है कि mid aur small cap stocks में ज्यादा नुकसान हुआ है।
Global Equity Market Grow Kar Raha Hai
दुनिया का कुल global equity market capitalization तेजी से बढ़ते हुए 147.58 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह दिसंबर 2024 के 123.61 ट्रिलियन डॉलर से करीब 19.4 प्रतिशत ज्यादा है।
दुनिया के ज्यादातर बड़े markets में equity value बढ़ रही है, लेकिन भारत का global share घट रहा है क्योंकि भारतीय बाजार डॉलर terms में underperform कर रहा है।
Bade Countries Ka Global Market Share
अमेरिका का global equity market share इस साल घटकर 48 प्रतिशत रह गया है, जो फरवरी की शुरुआत में 50.8 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर था। चीन ने अपना हिस्सा बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत कर लिया है, जो साल की शुरुआत में 8.1 प्रतिशत था।
जापान का share 5.2 प्रतिशत पर स्थिर है। वहीं Hong Kong, Canada, UK, France, Taiwan और Germany जैसे markets ने भी अपना global share बढ़ाया है। इसके मुकाबले भारत का share लगातार गिरता नजर आ रहा है।
Indian Investors Ke Liye Kya Matlab Hai
लगातार foreign outflow, कमजोर रुपया और global uncertainty की वजह से भारतीय निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। India ka global market weight कम होना long term perception के लिए भी एक negative signal माना जा रहा है।
हालांकि उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में corporate earnings बेहतर होंगी और foreign investors की वापसी हो सकती है। फिलहाल बाजार में सावधानी बरतना जरूरी है।
Long Term Investors Ke Liye Risk Aur Opportunity
जो निवेशक लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं, उनके लिए मौजूदा गिरावट एक झटका जरूर है। लेकिन साथ ही यह correction सही stocks में investment के लिए opportunity भी बन सकता है।
Market experts की राय है कि इस वक्त patience, stock selection और risk management सबसे ज्यादा जरूरी है।









