
भारत और European Union (EU) के बीच करीब 18 साल से चली आ रही Free Trade Agreement (FTA) बातचीत आखिरकार 27 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक फाइनल कर ली गई है। इसे दोनों पक्षों ने ‘Mother of All Deals’ भी कहा है, क्योंकि यह अब तक का सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्यापार समझौता माना जा रहा है।
यह समझौता दोनों पक्षों के बीच बिजनेस, ट्रेड, टैरिफ (duty) और मार्केट एक्सेस के नियमों को बदल देगा और वैश्विक ट्रेड में भी इसका बड़ा असर पड़ेगा।
Full Deal के मुख्य points
1) लगभग सभी टैरिफ हटेंगे या कटेंगे
भारत 96.6% तक EU के सामान पर टैक्स कम या खत्म करेगा।
इससे यूरोपीय कंपनियों को हर साल करीब €4 billion (~₹36,000 crore) टैक्स बचत होगी।
2) कारों पर भारी राहत
European luxury cars (BMW, Mercedes, Volkswagen आदि) पर टैरिफ को धीरे-धीरे 110% से घटाकर लगभग 10% तक लाया जाएगा, quota के साथ।
ऐसा अनुमान है कि सालाना 2,50,000 तक European made कारों को प्रीफरेंशियल टैक्स रेट मिलेगा।
3) शराब, Wine, Beer सस्ते होंगे
Wine और spirits पर टैक्स में भारी कटौती होगी — Wine पर लगभग 20-30%, Beer पर 50%, Spirits पर 40% जैसे नई दरें आ सकती हैं।
इससे European premium wines और liquors भारतीय बाजार में सस्ते मिलेंगे।
4) मशीनरी, केमिकल, मेडिकल & Industrial Goods
मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरणों पर टैक्स लगभग 0% हो जाएगा।
Chemicals, pharmaceutical, plastics, aerospace parts जैसे कई industrial items पर भी major tariff cuts/zero duty होंगे।
5) सेवाओं और क्षमताओं में भी खुला बाजार
EU के financial services, maritime services व अन्य service sectors को India में better access मिलेगा।
दोनों पक्ष IP protection, customs simplification, और SME support जैसे business-friendly rules भी लागू करेंगे।
दोनों देशों को व्यापक लाभ
EU के फायदे
EU exporters को India market में पिछले किसी partner से ज्यादा टैक्स cuts मिले।
Machinery, cars, food & beverage products के लिए भारत एक बड़ा बाजार बनेगा।
EU को रेल, aerospace, chemicals, pharma में विस्तार मिलेगा।
भारत को फायदे
India के textile, leather, gems & jewellery, electrical goods और pharma products को EU में आसान entry मिलेगी।
Trade value बढ़कर 2030 तक €180 billion से double होने की संभावना है।
India की manufacturing competitiveness और supply chain global स्तर पर मजबूत होगी।
Sensitive sectors पर विशेष ध्यान
Dairy और कुछ कृषि उत्पादों को इस डील से अलग रखा गया है ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें।
मोटे अनाज, चावल जैसे मुख्य कृषि वस्तुओं पर एक्सट्रा टैक्स हर्ज़ नहीं किया गया।
Strategic and geopolitical impact
ये समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है — इस समय जब US और China के बीच global trade tensions बढ़ रहे हैं, India-EU FTA दोनों पक्षों के लिए एक मजबूत economic partnership की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
EU ने भी कहा है कि यह पacts साझा prosperity, jobs creation और stronger cooperation के लिए important है।
Quick Facts
बहुपक्षीय बातचीत लगभग 18 साल चली।
Tariffs पर कटौती से EU exports India में double growth के रास्ते खुल रहे हैं।
समझौता formal legal ratification के बाद जल्द ही लागू होगा।









