
I am not running away anywhere, Swami Avimukteshwarananda, बच्चों से कथित यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे कहीं भाग नहीं रहे हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, “हम यहीं मौजूद हैं, पुलिस जो पूछना चाहे पूछ सकती है। हम सहयोग करने के लिए तैयार हैं, इसलिए गिरफ्तारी का कोई सवाल नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता का उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच ऐसे राज्य की पुलिस से कराए जाने की मांग की जा रही है, जहां बीजेपी की सरकार न हो।
FIR के बाद पुलिस ने जांच तेज की
मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज पुलिस की एक टीम वाराणसी के लिए रवाना हो गई है। टीम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ कर सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है। पुलिस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच में जुटी हुई है।
वकीलों के साथ बैठक, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
सोमवार सुबह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने वकीलों के साथ बैठक कर मामले पर विस्तार से चर्चा की और कानूनी सलाह ली। माना जा रहा है कि वे संभावित गिरफ्तारी से राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
माघ मेला क्षेत्र में पुलिस की पड़ताल
इससे पहले रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची थी। शिकायतकर्ता ने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। टीम ने शिविर के प्रवेश और निकास मार्ग, पीछे के रास्तों और आसपास के इलाके का निरीक्षण कर पूरे क्षेत्र का नक्शा तैयार किया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
जानकारी के मुताबिक, आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में दो बच्चों को पेश कर गंभीर आरोप लगाए थे। बच्चों के बयान कोर्ट में कैमरे के सामने दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार देर रात झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।









