
Hadi to be laid to rest in Bangladesh today, बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से ही हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। राजधानी ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार, 20 दिसंबर को उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। इससे पहले जनाज़े की नमाज़ अदा की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को आशंका है कि सुपुर्द-ए-ख़ाक के बाद हालात और बिगड़ सकते हैं।
अमेरिका समेत कई देशों ने जारी की चेतावनी
हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा को देखते हुए अमेरिका सहित कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इन एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा गया है कि लोग बड़े प्रदर्शनों, जुलूसों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें। विदेशी नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
भीड़ और प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील
अमेरिकी एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि सुपुर्द-ए-ख़ाक के दिन ढाका में भारी ट्रैफिक जाम और यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रार्थना सभाएं और जनाजे अचानक हिंसक रूप ले सकते हैं। इसलिए लोगों को प्रदर्शन स्थलों से दूरी बनाए रखने, अपने आसपास के हालात पर नजर रखने और स्थानीय मीडिया से अपडेट लेने की सलाह दी गई है।
ढाका में मीडिया दफ्तरों पर हमला और आगजनी
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की। इस दौरान ढाका में दो प्रमुख मीडिया संगठनों के कार्यालयों में आग लगा दी गई। प्रदर्शनकारी उस्मान हादी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
बांग्लादेश सरकार ने घोषित किया राजकीय शोक
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने शनिवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकार की ओर से अधिक से अधिक लोगों से जनाजे में शामिल होने की अपील की गई है। हालांकि, बीते दो दिनों में हुई हिंसा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
उस्मान हादी कौन थे? (संक्षिप्त जीवनी)
उस्मान हादी बांग्लादेश के एक चर्चित छात्र नेता थे, जो लंबे समय से छात्रों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय थे। वे अपने बेबाक बयानों और आंदोलनों के लिए युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते थे। विश्वविद्यालय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ थी और वे कई छात्र आंदोलनों का चेहरा बन चुके थे।
उस्मान हादी की मौत कैसे हुई?
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस्मान हादी को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी । सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी की गुरुवार को मौत हो गई थी । हादी की मौत के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मौत सुनियोजित साजिश का नतीजा है, जबकि प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है। हादी की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
सुपुर्द-ए-ख़ाक के बाद बढ़ सकती है हिंसा
विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-ख़ाक किए जाने के बाद बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क सकती है। यही कारण है कि विदेशी नागरिकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ढाका समेत संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
हालात पर अंतरराष्ट्रीय नजर
उस्मान हादी की मौत और उसके बाद की हिंसा पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी बांग्लादेश में शांति बनाए रखने और निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया है।









