
देश के सर्राफा बाजार में इस समय सोना और चांदी की कीमतों ने निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों को चौंका दिया है। हालिया कारोबारी सत्र में सोने की कीमत ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि चांदी ने ₹2,67,000 प्रति किलो का स्तर छू लिया है। कीमती धातुओं की कीमतों में यह तेजी पिछले कई दिन से जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अस्थिरता, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प की मांग बढ़ने के चलते सोना और चांदी में भारी खरीदारी देखने को मिल रही है। यही कारण है कि दोनों धातुओं की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर की तेजी दर्ज की जा रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार सोना और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं:
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी
- अंतरराष्ट्रीय तनाव और ट्रेड वॉर की आशंका
- निवेशकों का सुरक्षित एसेट की ओर झुकाव
- कमोडिटी मार्केट में बढ़ती मांग
हाल के दिनों में निवेशकों ने शेयर बाजार की तुलना में सोना और चांदी को ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना है, जिसके चलते बुलियन मार्केट में खरीदारी का दबाव बढ़ा है।
शादी और त्योहारों के सीजन पर असर
सोने-चांदी की कीमतों में आई इस जबरदस्त तेजी का असर आने वाले शादी और त्योहारों के सीजन पर भी देखने को मिल सकता है। ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहक फिलहाल खरीदारी टालने का मन बना रहे हैं, जबकि निवेशक इस तेजी को लंबी अवधि के निवेश के अवसर के रूप में देख रहे हैं। दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे दाम के बावजूद निवेश के उद्देश्य से खरीदारी में कमी नहीं आई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में यह समय लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, आम ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल को समझते हुए ही खरीदारी का निर्णय लें।










