
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलने के महज आधे घंटे के भीतर ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 8000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, जबकि चांदी में भी 15000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
तेजी से लुढ़के दाम
एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना सुबह 1,40,158 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसमें बड़ी गिरावट आ गई। सुबह 9:30 बजे तक सोना करीब 7,132 रुपये टूटकर 1,37,360 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 2,17,702 रुपये प्रति किलो पर खुली और थोड़ी ही देर में 15,000 रुपये से ज्यादा गिर गई। 9:30 बजे तक चांदी करीब 13,786 रुपये की गिरावट के साथ 2,12,986 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।
वैश्विक बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों पर दबाव बना हुआ है। स्पॉट गोल्ड करीब 2.5% गिरकर चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी में भी 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
पिछले 9 कारोबारी सत्रों से सोने में लगातार गिरावट जारी है। बीते हफ्ते ही इसमें 10% से ज्यादा की गिरावट आई, जो कई दशकों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।
गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी प्रमुख कारण हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) भी 99 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।तेल की कीमत बढ़ने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है, जिसका सीधा असर सोना-चांदी जैसी धातुओं पर पड़ता है।
एक्सपर्ट की राय
कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस समय काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमत और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव की वजह से निवेशकों का रुख तेजी से बदल रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ट्रेडर्स को फिलहाल नई पोजीशन लेने से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी हो सकती है, लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है। लंबी अवधि के नजरिए से सोना और चांदी अब भी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, इसलिए घबराकर फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।









