32 हजार मौतों से 11,888 ‘हत्यारों’ तक : Donald Trump का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण में गूंजे बड़े आरोप

From 32,000 deaths to 11,888 'murderers,' Donald Trump's second 'State of the Union'
From 32,000 deaths to 11,888 ‘murderers,’ Donald Trump’s second ‘State of the Union’

From 32000 deaths to 11888 ‘murderers,’ Donald Trump’s second ‘State of the Union’, अमेरिकी राजनीति एक बार फिर गरमा गई जब राष्ट्रपति Donald Trump ने 2026 का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देते हुए ईरान, टैरिफ, महंगाई और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर कई चौंकाने वाले दावे किए । इस बार उनका फोकस घरेलू अर्थव्यवस्था, टैरिफ नीति, ईरान पर सख्त रुख, इमिग्रेशन और वैश्विक कूटनीति पर रहा। भाषण के दौरान ट्रंप ने कई बड़े दावे किए—कुछ पर तालियां बजीं तो कुछ पर विपक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर दिया है, विदेशी देशों से टैरिफ के जरिए अरबों डॉलर वसूले जा रहे हैं और जल्द ही इनकम टैक्स का बोझ कम हो सकता है। वहीं विपक्ष ने उनके आंकड़ों और दावों को चुनौती देते हुए इसे “राजनीतिक भाषण” बताया। यह संबोधन सिर्फ नीतियों का ब्यौरा नहीं था, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों की भी झलक देता दिखा।

ईरान पर तीखे आरोप और सैन्य दावे

ट्रंप ने कहा कि ईरान ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उनके मुताबिक, ईरान पहले ही यूरोप और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम मिसाइलें बना चुका है और अब लंबी दूरी की क्षमता पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान 32,000 प्रदर्शनकारियों को मार दिया गया। सबसे बड़ा दावा यह रहा कि अमेरिका ने पिछले वर्ष ईरान की एक न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला कर उसका न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम “पूरी तरह खत्म” कर दिया। ट्रंप ने कहा कि वे पहले कूटनीतिक समाधान चाहते थे, लेकिन ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की स्पष्ट गारंटी नहीं दी।

टैरिफ, सुप्रीम कोर्ट और नई आर्थिक दिशा

ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति का बचाव करते हुए कहा कि दशकों से अमेरिका का फायदा उठाने वाले देश अब “सैकड़ों अरब डॉलर” दे रहे हैं। हालांकि, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए कुछ टैरिफ को रद्द करने के फैसले को उन्होंने “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। इसके बावजूद उन्होंने 15% वैश्विक टैरिफ लागू करने की बात दोहराई और कहा कि लगभग सभी देश मौजूदा डील बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विदेशी देशों से वसूले जाने वाले टैरिफ अमेरिकी इनकम टैक्स सिस्टम की जगह ले सकते हैं, जिससे आम अमेरिकियों पर कर बोझ कम होगा। ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में 18 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के वैश्विक निवेश कमिटमेंट्स मिले हैं, जबकि बाइडेन प्रशासन के दौरान यह आंकड़ा 1 ट्रिलियन डॉलर से भी कम था।

महंगाई और अर्थव्यवस्था पर जोर

महंगाई के मुद्दे पर ट्रंप ने सीधे पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden और डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बाइडेन प्रशासन ने अमेरिका को “इतिहास की सबसे खराब महंगाई” दी, लेकिन उनके 12 महीनों के कार्यकाल में कोर महंगाई पांच साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। ट्रंप ने दोहराया कि कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं और जल्द ही अमेरिकी जनता को इसका लाभ दिखेगा।

इमिग्रेशन और ‘वॉर ऑन फ्रॉड’

ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडेन सरकार के दौरान 11,888 हत्यारे प्रवासी बनकर अमेरिका आए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार की पहली जिम्मेदारी अपने नागरिकों की रक्षा करना है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की फंडिंग बहाल करने की अपील करते हुए उन्होंने विपक्ष पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही ट्रंप ने ‘वॉर ऑन फ्रॉड’ अभियान की घोषणा की और कहा कि इसकी जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस संभालेंगे। उन्होंने मिनेसोटा में कथित धोखाधड़ी का जिक्र करते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

गाजा, भारत-पाकिस्तान और वैश्विक राजनीति

विदेश नीति पर बोलते हुए ट्रंप ने गाजा में इजराइल-हमास संघर्ष विराम को सफल बताया और दावा किया कि सभी इजराइली बंधक रिहा हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने कार्यकाल में कई युद्ध समाप्त कर चुके हैं। ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच संभावित बड़े संघर्ष को रोका। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया था कि युद्ध होने पर करोड़ों लोगों की जान जा सकती थी। इसके अलावा उन्होंने वेनेजुएला को अमेरिका का “नया दोस्त” बताया और तेल सहयोग का जिक्र किया।

सुप्रीम कोर्ट, कैपिटल और विपक्ष का विरोध

भाषण के दौरान डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ सांसद बीच में ही बाहर चले गए। कैपिटल के बाहर “पीपल्स स्टेट ऑफ द यूनियन” नामक रैली आयोजित की गई, जहां विपक्षी नेताओं ने ट्रंप की नीतियों की आलोचना की। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके बड़े टैक्स कटौती कानून से इतिहास की सबसे बड़ी कर राहत मिली। उन्होंने रिपब्लिकन सांसदों से अपनी नीतियों को कानून का रूप देने की अपील की।

ऊर्जा, हेल्थकेयर और तकनीकी कंपनियां

ट्रंप ने ‘ड्रिल, बेबी ड्रिल’ नीति को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका में रोजाना 6 लाख बैरल से अधिक तेल उत्पादन बढ़ा है और प्राकृतिक गैस उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है।उन्होंने ‘ग्रेट हेल्थकेयर प्लान’ का जिक्र करते हुए दवाओं की कीमत कम करने और बीमा प्रीमियम घटाने का वादा किया। साथ ही TrumpRx नामक वेबसाइट को प्रमोट किया, जिससे बिना बीमा वाले लोगों को सस्ती दवाएं मिल सकें। तकनीकी कंपनियों से उन्होंने कहा कि एआई डेटा सेंटर के लिए उन्हें अपनी बिजली खुद पैदा करनी होगी, ताकि आम उपभोक्ताओं पर बोझ न बढ़े।

ऐतिहासिक संदर्भ और परंपरा

स्टेट ऑफ द यूनियन अमेरिकी संविधान की परंपरा है, जिसके तहत राष्ट्रपति हर साल कांग्रेस को देश की स्थिति की जानकारी देते हैं। यह भाषण जनवरी या फरवरी में आयोजित होता है, जहां हाउस और सीनेट के सदस्य एक साथ बैठते हैं। इस बार का संबोधन राजनीतिक रूप से बेहद ध्रुवीकृत माहौल में हुआ, जहां ट्रंप ने खुद को मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में पेश किया, जबकि विपक्ष ने उनके दावों को चुनौती दी। ट्रंप का यह स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण घरेलू अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक नेतृत्व पर केंद्रित रहा। उन्होंने अपने फैसलों को अमेरिका के लिए फायदेमंद बताया और विरोधियों की आलोचना को खारिज किया। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके आर्थिक और विदेश नीति के दावे कितने ठोस साबित होते हैं और कांग्रेस में उनकी नीतियों को कितना समर्थन मिलता है।

Pradeep Dabas

Writer & Blogger

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