
ED raid donkey route case , डंकी रूट के ज़रिए अवैध इमिग्रेशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जालंधर स्थित ईडी की टीम ने पंजाब, हरियाणा और राजधानी दिल्ली में कुल 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ईडी को डंकी रूट नेटवर्क से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने करीब 6 किलो सोने के बिस्किट, 313 किलो चांदी और 4.62 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद संपत्ति की कुल बाजार कीमत लगभग 19.13 करोड़ रुपये आंकी गई है।
13 ठिकानों पर चला सर्च ऑपरेशन, ED raid donkey route case
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बिजनेस और रिहायशी ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। यह कार्रवाई तथाकथित “डंकी रूट” के जरिए लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजने और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के तहत की गई।
दिल्ली के ट्रैवल एजेंट से बड़ी बरामदगी
दिल्ली में एक ट्रैवल एजेंट के ठिकाने से सबसे बड़ी बरामदगी हुई। यहां से 4.62 करोड़ रुपये कैश, 313 किलो चांदी और 6 किलो सोने के बिस्किट जब्त किए गए। इसके अलावा, डंकी कारोबार से जुड़े लोगों के साथ की गई चैट, मोबाइल फोन और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।
हरियाणा में डंकी रूट के बड़े खिलाड़ी पर शिकंजा
हरियाणा में डंकी रूट से जुड़े एक बड़े आरोपी के ठिकाने से भी कई अहम रिकॉर्ड और दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने के बदले उनसे उनकी जमीन और प्रॉपर्टी के कागजात गारंटी के तौर पर अपने पास रखता था।
जालंधर जोनल ऑफिस कर रहा जांच
यह पूरी कार्रवाई ईडी के जालंधर जोनल ऑफिस द्वारा की जा रही जांच का हिस्सा है। जांच ऐसे डंकी रूट नेटवर्क को लेकर है, जो भारतीय नागरिकों को अवैध तरीके से खासकर अमेरिका भेजने का काम करता था।
‘डंकी’ या ‘डुंकी’ शब्द उस खतरनाक और अवैध यात्रा को दर्शाता है, जिसके जरिए लोगों को गलत तरीके से विदेशों में प्रवेश कराया जाता है।
अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 330 भारतीयों के बाद तेज हुई जांच
यह जांच इस साल फरवरी में अमेरिका से करीब 330 भारतीय नागरिकों को मिलिट्री कार्गो विमान से भारत भेजे जाने के बाद दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई थी। ईडी की जांच में सामने आया कि इन लोगों को एक जटिल और कई चरणों वाले नेटवर्क के जरिए डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया था।
इस नेटवर्क में ट्रैवल एजेंट, बिचौलिए, तथाकथित डंकर, विदेशी हैंडलर, हवाला ऑपरेटर और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट देने वाले लोग शामिल थे।
पहले भी अटैच हो चुकी है संपत्ति
ईडी ने इस मामले में पहले ही 5.41 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति डंकी रूट के जरिए अवैध इमिग्रेशन से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थी। जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।









