
DGCA Withdraws Instructions नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को एक बड़ी ऑपरेशनल राहत देते हुए अपने पहले जारी किए गए निर्देश को वापस ले लिया है। इस नियम के तहत क्रू मेंबर्स को साप्ताहिक आराम (Weekly Rest) की जगह लीव (Leave) देने पर रोक लगा दी गई थी। अब DGCA ने यह प्रावधान वापस ले लिया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय एविएशन सेक्टर लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन, स्टाफ शॉर्टेज और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रहा था। खास तौर पर इंडिगो को हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं जिससे यात्रियों में नाराज़गी बढ़ गई थी।
क्यों लागू हुआ था ये नियम?
DGCA ने पहले यह नियम इसलिए लागू किया था ताकि पायलट और केबिन क्रू की थकान (Crew Fatigue) को रोका जा सके और उनकी वर्किंग कंडीशन बेहतर की जा सके। हालांकि एयरलाइंस का कहना था कि यह नियम उनके रोस्टर मैनेजमेंट और ऑपरेशन स्टेबिलिटी को प्रभावित कर रहा है।
DGCA का आधिकारिक बयान
DGCA ने अपने सर्कुलर में लिखा:
“Airlines operations की continuity और stability को ध्यान में रखते हुए और अलग-अलग एयरलाइनों से मिले सुझावों के आधार पर यह निर्देश वापस लेने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू है।”
इस फैसले को Competent Authority (CA) की मंजूरी मिली है।
अब नहीं होगा नियमों बदलाव
DGCA latest update के अनुसार पहले लागू किए गए सख्त क्रू रेस्ट नियमों में बदलाव किया गया है। पहले DGCA नियमों के तहत एयरलाइंस को क्रू मेंबर्स को सात दिन लगातार काम के बाद 48 घंटे का अनिवार्य साप्ताहिक आराम देना पड़ता था, लेकिन अब DGCA withdraws instructions के बाद यह रोक हटा दी गई है।
नाइट शिफ्ट का समय, जो पहले रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक था, अब बढ़ाकर सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। नाइट लैंडिंग लिमिट में भी बड़ा बदलाव हुआ है—जहां पहले पायलट एक रात में छह नाइट लैंडिंग कर सकते थे, अब नियम के अनुसार सिर्फ दो लैंडिंग की अनुमति होगी। लगातार नाइट ड्यूटी का नियम पहले की तरह लागू रहेगा, जिसमें क्रू को लगातार दो रातों से अधिक ड्यूटी नहीं दी जा सकती। वहीं, लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद पायलट और क्रू को 24 घंटे का अनिवार्य रेस्ट अब भी जारी रहेगा।
600 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई
इसी DGCA latest update और नया रोस्टर सिस्टम लागू होने के बाद पिछले 48 घंटों में इंडियन एविएशन सेक्टर में बड़े स्तर पर IndiGo flight cancellations और अन्य उड़ानें प्रभावित हुईं। केवल दिल्ली एयरपोर्ट पर ही 135 डिपार्चर और 90 अराइवल कैंसिल हुए। बेंगलुरु में 52 अराइवल और 50 डिपार्चर रद्द किए गए, जबकि हैदराबाद एयरपोर्ट पर 92 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
देशभर में कुल मिलाकर 600 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इंडिगो, जो हर दिन 2200+ फ्लाइट्स ऑपरेट करती है और भारतीय घरेलू एविएशन मार्केट का 60% हिस्सा रखती है, इस DGCA withdraws instructions अपडेट के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दी, और यह एयर इंडिया की तुलना में लगभग दोगुना ऑपरेशन संभाल रही है।
निष्कर्ष
DGCA का यह फैसला एयरलाइंस के लिए बड़ा राहत कदम माना जा रहा है, जिससे रोस्टर मैनेजमेंट और ऑपरेशन में सुधार आने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को भी अब कम फ्लाइट कैंसिलेशन का सामना करना पड़ेगा।
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