
BRICS Presidency official website and logo launched
BRICS Presidency official website and logo launched, भारत ने BRICS Presidency 2026 के लिए अपनी official website और नया logo लॉन्च कर दिया है। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने कहा कि BRICS 2026 का मुख्य Theme है –
“Capacities Building, Innovation Promotion और Sustainable Development for All.”
उन्होंने बताया कि लॉन्च किया गया logo इसी सोच को दर्शाता है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता (Tradition & Modernity) का सुंदर मेल देखने को मिलता है।
BRICS 2026 Logo का मतलब क्या है?
विदेश मंत्री ने बताया कि BRICS India Presidency Logo की पंखुड़ियों में सभी BRICS Member Countries के रंग शामिल हैं।
यह logo निम्न बातों को दर्शाता है-
Unity (एकता)
Diversity (विविधता)
Shared Purpose (साझा उद्देश्य)
यह साफ संदेश देता है कि BRICS अपनी ताकत सदस्य देशों के सामूहिक योगदान से लेता है, साथ ही हर देश की अलग पहचान का सम्मान भी करता है।
BRICS India Website भी हुई लॉन्च
डॉ. जयशंकर ने बताया कि BRICS India Official Website भी लॉन्च कर दी गई है।
यह वेबसाइट भारत की अध्यक्षता के दौरान:
Meetings
Initiatives
Outcomes
से जुड़ी जानकारी के लिए एक Common Digital Platform के रूप में काम करेगी।
इससे Transparency, Engagement और Timely Information Sharing को बढ़ावा मिलेगा।
BRICS 2026: भारत की 4 प्रमुख प्राथमिकताएं
विदेश मंत्री ने BRICS India Presidency की चार मुख्य प्राथमिकताएं बताईं:
- Resilience (लचीलापन)
- Innovation (नवाचार)
- Cooperation (सहयोग)
- Sustainability (स्थिरता)
ये प्राथमिकताएं BRICS के तीन मुख्य स्तंभों के लिए एक Balanced Framework तैयार करेंगी।
Resilience पर भारत का फोकस
‘Resilience’ के तहत भारत ऐसी Institutional Capacities विकसित करना चाहता है, जो वैश्विक झटकों (Global Shocks) का सामना कर सकें।
इसके अंतर्गत BRICS देश मिलकर काम करेंगे
- Agriculture
- Health
- Disaster Risk Reduction
- Energy
- Supply Chain Resilience
इसके लिए Collaborative Frameworks बनाए जाएंगे, जिससे सामूहिक तैयारी और प्रतिक्रिया मजबूत हो सके।
Innovation को बताया Growth का Engine
डॉ. जयशंकर ने कहा कि Innovation वैश्विक आर्थिक विकास का सबसे बड़ा जरिया है।
नई और उभरती तकनीकों (Emerging Technologies) का उपयोग
Social-Economic Challenges
Developing Countries की समस्याओं
को हल करने के लिए किया जाना चाहिए।
Start-ups, MSMEs और New Technologies में सहयोग एक More Equitable World बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
Cooperation और Sustainability पर भी जोर
भारत Climate Action, Clean Energy Promotion और Sustainable Development Pathways को आगे बढ़ाने के लिए BRICS के साथ मिलकर काम करेगा।
यह प्रक्रिया Fair और Sensitive Approach के साथ अपनाई जाएगी।
मजबूत Multilateral System की जरूरत: जयशंकर
विदेश मंत्री ने कहा कि आज की दुनिया कई Complex Global Challenges का सामना कर रही है।
ऐसे में एक Strong, Inclusive और Effective Multilateral System पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि BRICS को ऐसी Reformed Multilateral Order के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए, जिसमें:
United Nations (UN)
World Trade Organization (WTO)
IMF
World Bank
जैसी संस्थाएं ज्यादा Representative और Inclusive बनें।
New Development Bank (NDB) पर क्या बोले जयशंकर
BRICS द्वारा स्थापित New Development Bank (NDB) आज आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
यह बैंक सदस्य देशों के Infrastructure Development Sustainable Growth को बढ़ावा देता है। भारत इस बैंक को और मजबूत बनाने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा, ताकि यह एक Reliable, Responsible और Financially Sustainable Institution बना रहे।
People-to-People Connect रहेगा खास फोकस
BRICS में People-to-People Exchange हमेशा अहम रहा है।
भारत अपनी अध्यक्षता में विशेष जोर देगा
Youth
Culture
Education
Sports
Tourism
Academic Exchanges
इनसे आपसी समझ बढ़ेगी और BRICS के भीतर Community Feeling मजबूत होगी।
भारत की BRICS अध्यक्षता का विज़न
डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत BRICS को Dialogue और Development के लिए एक रचनात्मक मंच मानता है।
यह मंच आधारित है:
Mutual Respect
Sovereign Equality
Consensus
भारत अपनी अध्यक्षता को Inclusive, Practical, People-Centric और Result-Oriented बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
BRICS 2026 Website और Logo क्यों हैं अहम?
नई वेबसाइट और logo भारत की BRICS Presidency 2026 को एक नई दिशा देंगे।
यह न सिर्फ सदस्य देशों के बीच समन्वय बढ़ाएगा, बल्कि पूरी दुनिया को BRICS के Goals और Initiatives से भी अवगत कराएगा।
विदेश मंत्री के शब्दों में, यह मंच “Unity in Diversity” को दर्शाएगा और Shared Goals की ओर आगे बढ़ने में मदद करेगा।









