
स्मार्टफोन मार्केट में इस समय एक बेहद अजीब ट्रेंड तेजी से देखने को मिल रहा है। लोग महंगे दामों में नया iPhone 17 Pro Max खरीद तो रहे हैं, लेकिन कुछ ही दिनों के अंदर उसे OLX, Cashify और Facebook Marketplace जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बेच भी रहे हैं। सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि Apple का यह फ्लैगशिप फोन खरीदने के बाद यूजर्स बड़े पैमाने पर उसे रीसेल कर रहे हैं? माना जा रहा है कि कुछ यूजर्स पहले से आने वाले apple iphone 18 pro max को लेकर ज्यादा एक्साइटेड हैं, जिसके चलते वे मौजूदा मॉडल को बेचने का फैसला ले रहे हैं।
अगर आप भी iPhone 17 Pro Max खरीदने का प्लान बना रहे हैं या हाल ही में खरीदा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी हो सकती है।
1. उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया AI एक्सपीरियंस
इस बार Apple ने अपने नए iPhone 17 Pro Max में एडवांस्ड AI फीचर्स का दावा किया था। लेकिन कई यूजर्स का कहना है कि रियल लाइफ में ये AI फीचर्स उतने स्मूद और उपयोगी साबित नहीं हो रहे जितना कि लॉन्च के समय बताया गया था।
- AI फोटो एडिटिंग में देरी
- लाइव ट्रांसक्रिप्शन में लैग
- स्मार्ट सजेशन में गलतियां
इन समस्याओं के चलते यूजर्स को लग रहा है कि उन्होंने जिस टेक्नोलॉजी के लिए प्रीमियम कीमत चुकाई, वह अभी पूरी तरह मैच्योर नहीं है।
2. ओवरहीटिंग और बैटरी ड्रेन की शिकायतें
कुछ शुरुआती यूजर्स ने यह भी रिपोर्ट किया है कि फोन भारी गेमिंग या 4K वीडियो शूट के दौरान जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है। खासतौर पर:
- 30 मिनट से ज्यादा गेमिंग
- AI आधारित कैमरा मोड
- मल्टीटास्किंग के दौरान
इन स्थितियों में बैटरी तेजी से गिरती है और फोन की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है।
3. कीमत के मुकाबले “कम बदलाव” का एहसास
भारत में iPhone 17 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1.5 लाख के आसपास बताई जा रही है। ऐसे में कई यूजर्स का मानना है कि:
- डिजाइन लगभग पहले जैसा ही है
- कैमरा अपग्रेड मामूली है
- डिस्प्ले में बड़ा बदलाव नहीं
यानी, जिनके पास पहले से iPhone 16 Pro Max है, उन्हें नया मॉडल लेने पर बहुत बड़ा अपग्रेड महसूस नहीं हो रहा।
4. सेकेंड-हैंड मार्केट में हाई डिमांड का फायदा
कुछ यूजर्स जानबूझकर फोन खरीदकर उसे कुछ दिनों बाद बेच रहे हैं। दरअसल:
- नई लॉन्चिंग के बाद सेकेंड हैंड मार्केट में डिमांड ज्यादा होती है
- सीमित स्टॉक के कारण लोग प्रीमियम देने को तैयार रहते हैं
ऐसे में कई खरीदार इस ट्रेंड को “टेक्नोलॉजी फ्लिपिंग” के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
5. iOS अपडेट्स और ऐप कम्पैटिबिलिटी इश्यू
नए iOS वर्जन के साथ कुछ थर्ड पार्टी ऐप्स अभी पूरी तरह ऑप्टिमाइज़ नहीं हैं। इससे:
- ऐप क्रैश
- स्लो रिस्पॉन्स
- कैमरा ऐप में ग्लिच
जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित हो रहा है।










