
अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं और हर महीने प्लेटफॉर्म फीस चुकाते-चुकाते परेशान हो चुके हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। पुणे की स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी Definedge Securities ने रिटेल निवेशकों के लिए एक नया एल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका नाम ALGOSTRA रखा गया है। खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर कोई भी प्लेटफॉर्म फीस नहीं ली जाएगी।
भारत का पहला पूरी तरह कस्टमाइज़ेबल रिटेल एल्गो प्लेटफॉर्म
ALGOSTRA को भारत का पहला ऐसा रिटेल एल्गो ट्रेडिंग ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है, जिसे निवेशक अपनी जरूरत और रणनीति के मुताबिक पूरी तरह कस्टमाइज़ कर सकते हैं। इसका उद्देश्य आम ट्रेडर्स को प्रोफेशनल स्तर की ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सुविधा उपलब्ध कराना है।
SEBI के नए नियमों के बाद खुला रास्ता
इस प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग ऐसे समय में हुई है, जब अक्टूबर 2025 में SEBI द्वारा जारी किए गए नए फ्रेमवर्क को तीन महीने पूरे हो चुके हैं। इसी फ्रेमवर्क के जरिए भारत में रिटेल निवेशकों के लिए एल्गो ट्रेडिंग को कानूनी और व्यवस्थित रूप से अनुमति दी गई है। इससे पहले एल्गो ट्रेडिंग पर बड़े निवेशकों और प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स का ही दबदबा था।
रिटेल निवेशक अब तक फायदे से दूर थे
SEBI की एक स्टडी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस से होने वाले कुल मुनाफे में 97 प्रतिशत हिस्सेदारी बड़े निवेशकों की रही, जबकि 96 प्रतिशत लाभ प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स के हिस्से में गया। रिटेल निवेशक इस तकनीकी और सिस्टमैटिक बढ़त से लगभग बाहर ही थे।
ALGOSTRA से बदलेगा रिटेल ट्रेडिंग का खेल
Definedge Securities के सीईओ और को-फाउंडर प्रशांत शाह के मुताबिक, ALGOSTRA ट्रेडर्स को अपनी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी को पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम में बदलने की सुविधा देता है। इसमें पारदर्शिता बनी रहती है और ट्रेडर को यह साफ पता होता है कि सिस्टम कब, क्यों और कैसे ट्रेड कर रहा है।
आखिर एल्गो ट्रेडिंग होती क्या है?
एल्गो ट्रेडिंग का मतलब है कि ट्रेडिंग के लिए पहले से तय नियमों और शर्तों के आधार पर कंप्यूटर खुद ही शेयर खरीदने और बेचने का काम करता है। जैसे ही किसी शेयर की कीमत तय स्तर पर पहुंचती है, सिस्टम अपने आप ऑर्डर लगा देता है। इससे भावनात्मक फैसलों से बचाव होता है और ट्रेडिंग ज्यादा अनुशासित बनती है। ALGOSTRA इसी प्रक्रिया को रिटेल निवेशकों के लिए आसान बनाता है।
भारत में निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही
देश में शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौजूदा समय में भारत में लगभग 23 करोड़ डीमैट अकाउंट खोले जा चुके हैं। खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।
NSE में रिटेल हिस्सेदारी ने बनाया रिकॉर्ड
एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी साल 2020 के मुकाबले अब पांच गुना बढ़कर करीब 84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। हालांकि, अब तक इन निवेशकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के लिए फीस चुकानी पड़ती थी, जिससे उनका मुनाफा प्रभावित होता था।
फीस फ्री प्लेटफॉर्म से रिटेल ट्रेडर्स को सीधा फायदा
ऐसे में बिना प्लेटफॉर्म फीस वाला ALGOSTRA रिटेल ट्रेडर्स के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यह न सिर्फ उनकी लागत कम करेगा, बल्कि उन्हें एल्गो ट्रेडिंग जैसी एडवांस सुविधा तक सीधी पहुंच भी देगा।









