
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं बल्कि अजित पवार की भी इच्छा थी कि दोनों गुट एक हो जाएं, और यह प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। शरद पवार ने बताया कि अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने मिलकर दोनों गुटों के विलय को लेकर बातचीत शुरू की थी। योजना के मुताबिक 12 फरवरी को विलय का ऐलान होना था, लेकिन इससे पहले ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अजित पवार का निधन हो गया।
17 जनवरी की बारामती मीटिंग पर क्या हुआ था?
सूत्रों के अनुसार, 17 जनवरी को बारामती में शरद पवार और अजित पवार के बीच मुलाकात हुई थी। इस बैठक में बारामती एग्रीकल्चर एग्जिबिशन और जिला परिषद चुनावों पर चर्चा हुई थी। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि मर्जर को लेकर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई थी, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स इसके उलट दावा कर रही हैं। इस मीटिंग का वीडियो भी सामने आया है। इस मुलाकात के 11 दिन बाद अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई, जिसके बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं।
शरद पवार की 3 बड़ी बातें
परिवार में कोई मतभेद नहीं – शरद पवार ने कहा कि परिवार में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।फैसले मुंबई में हुए – उन्होंने कहा कि विलय से जुड़ी चर्चाएं बारामती में नहीं बल्कि मुंबई में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे जैसे सीनियर नेता कर रहे थे। अजित पवार की तारीफ – शरद पवार ने अजित को एक काबिल और समर्पित नेता बताया, जो लोगों की समस्याओं को समझते थे और न्याय दिलाने के लिए काम करते थे।
NCP विलय पर 3 बड़े दावे
अजीत के करीबी किरण गुजर ने कहा PTI को बताया कि अजित पवार 100% विलय के पक्ष में थे और उनके पास एकजुट NCP का पूरा रोडमैप तैयार था। वहीं एक अन्य नेता जयंत पाटिल ने कहा कि विलय को लेकर कई बैठकें हो चुकी थीं। योजना थी कि पहले स्थानीय निकाय चुनाव साथ लड़े जाएं और उसके बाद विलय किया जाए। NCP (SP) नेता एकनाथ खड़से ने ANI से कहा कि मर्जर तय हो चुका था और दोनों गुट जल्द एकसाथ आने वाले थे।
NCP का विलय हुआ तो क्या बदलेगा?
सूत्रों के मुताबिक, प्लेन क्रैश से पहले दोनों गुट बातचीत की एडवांस्ड स्टेज पर थे। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव खत्म होते ही मर्जर का ऐलान होना था। विलय के बाद NCP के पास 9 लोकसभा सांसद और 51 विधायक होंगे, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा संतुलन बदलाव देखने को मिल सकता है। इसे पश्चिमी महाराष्ट्र के शुगर बेल्ट में BJP की पकड़ को कमजोर करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अजित पवार के बाद बजट कौन पेश करेगा?
अजित पवार के निधन के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि महाराष्ट्र का वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा। मार्च में वही राज्य का बजट पेश कर सकते हैं। इससे पहले भी फडणवीस वित्त मंत्री रहते हुए बजट पेश कर चुके हैं।
जुलाई 2023 में टूटी थी NCP
1999 में बनी NCP जुलाई 2023 में दो हिस्सों में बंट गई थी, जब अजित पवार महायुति सरकार में शामिल हुए थे। बाद में चुनाव आयोग ने NCP का नाम और चुनाव चिह्न अजित पवार गुट को दे दिया था। फिलहाल NCP महायुति सरकार में है, जबकि NCP (SP) विपक्षी MVA का हिस्सा बनी हुई है।










